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घाटशिला उपचुनाव ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबियत से CRP की मौत, विधवा को सरकारी नौकरी व समस्त लाभ देने की मांग

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On: December 12, 2025 6:56 PM
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  • विधवा को सरकारी नौकरी व समस्त लाभ देने की मांग को लेकर DSE से मिला प्रतिनिधिमंडल

जमशेदपुर/पोटका । घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के दौरान ड्यूटी करते हुए अस्वस्थ हुए सक्षम संसाधन सेवी (CRP) स्व. दुर्लभ चंद्र दास की मौत के बाद उनकी असहाय विधवा को सरकारी नौकरी एवं सभी सरकारी लाभ प्रदान किए जाने की मांग को लेकर आज पोटका के पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम से मुलाकात की गई। मृतक की पत्नी श्रीमती पबिता दास ने इस संबंध में लिखित आवेदन भी सौंपा।

क्या है पूरा मामला?

पोटका प्रखंड के डोमजुड़ी गांव निवासी स्व. दुर्लभ चंद्र दास मोसाबनी ब्लॉक के शिक्षा विभाग में सक्षम साधन सेवी (C.R.P.) के रूप में कार्यरत थे। उपचुनाव के दौरान उन्हें चुनावी दायित्व सौंपा गया था, जिसे उन्होंने पूरी निष्ठा से पूरा भी किया।

इसी बीच चुनाव कार्य के दौरान ही उनकी तबियत बिगड़ने लगी, हल्का बुखार भी आया। ड्यूटी पूर्ण कर जब वे घर लौटे तो स्वास्थ्य और खराब होता गया। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

टूट चुका है पूरा परिवार

स्व. दास का पारिवारिक हाल अत्यंत दुखद है—

  • एकमात्र पुत्र की पूर्व में गंभीर बीमारी से मृत्यु हो चुकी है।
  • एकमात्र पुत्री की शादी हो चुकी है।
  • अब अकेली बची पत्नी श्रीमती पबिता दास मानसिक व आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी हैं।

इसी असहाय स्थिति को देखते हुए उन्होंने अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी व अन्य सभी वैधानिक लाभ उपलब्ध कराने की मांग की है।

जिला शिक्षा अधीक्षक को सौंपा आवेदन

पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल के नेतृत्व में DSE कार्यालय में मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा गया।
प्रतिनिधिमंडल में मृतक के दामाद तथा हेमंत बेहरा भी उपस्थित थे।

DSE का आश्वासन

जिला शिक्षा अधीक्षक ने बताया कि—

  • आवेदन को नई मार्गदर्शिका के अनुसार राज्य सरकार को अनुशंसा सहित अग्रसारित किया जाएगा।
  • साथ ही, मानवता के आधार पर अपने स्तर से पास के किसी विद्यालय में उपयुक्त अस्थायी नियोजन उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जाएगा।

स्व. दुर्लभ चंद्र दास का निधन इस बात को उजागर करता है कि चुनावी ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। अकेली रह चुकी विधवा महिला को अनुकंपा नियुक्ति और सरकारी लाभ मिलना न केवल मानवीय दृष्टिकोण से आवश्यक है, बल्कि यह राज्य तंत्र की संवेदनशीलता को भी दर्शाएगा। पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से उम्मीद है कि पीड़िता को शीघ्र राहत मिलेगी।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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