जमशेदपुर : छठ पूजा- भक्ति, मानवता और संवेदना का महासंगम — ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट और आजादनगर थाना शांति समिति ने दी श्रद्धांजलि, मानव सेवा को बनाया छठ आस्था का हिस्सा।
लोक आस्था के महापर्व छठ ने जहां पूरे राज्य को भक्ति के रंग में रंग दिया, वहीं चांडिल की एक अप्रिय घटना ने कई दिलों को झकझोर दिया। इस दर्दनाक क्षण में ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट और आजादनगर थाना शांति समिति ने मानवता का अद्भुत उदाहरण पेश किया — श्रद्धालुओं को न केवल सहायता दी बल्कि चांडिल में हुए हादसे के शिकार श्रद्धालुओं को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
मानवता का दीप प्रज्वलित हुआ सहायता शिविर में
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जीसू भवन पंप हाउस गेट के पास छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सहायता शिविर लगाया गया। इस शिविर का शुभारंभ आजादनगर थाना प्रभारी चंदन कुमार के मुख्य आतिथ्य में हुआ। शिविर का उद्देश्य था — किसी भी श्रद्धालु को असुविधा या संकट की स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाना।
भीड़ के बीच जब एक महिला पूजा संपन्न कर लौटते समय अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी, तो मौके पर मौजूद ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट के सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित शिविर तक पहुंचाया, प्राथमिक उपचार दिलाया और उनकी जान बचाई। यह दृश्य उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम कर गया — मानो छठ घाट पर न सिर्फ भक्ति, बल्कि जीवित मानवता का उत्सव मनाया जा रहा हो।
सेवा में समर्पण — आस्था के साथ सहानुभूति की मिशाल
शिविर में श्रद्धालुओं के लिए फर्स्ट ऐड, एम्बुलेंस, शुद्ध पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की गई थी। आयोजन निस्वार्थ भाव से हुआ, जिसमें सेवा को पूजा का ही एक अंग माना गया।
कार्यक्रम में शामिल रहे समाजसेवी और चिकित्सक
इस अवसर पर ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष मतीनुल हक़ अंसारी, मानगो नगर निगम के ब्रांड एंबेसडर मुख्तार आलम खान, शाहिद परवेज, सोहेल अख्तर अंसारी, मीडिया इंचार्ज साजिद परवेज, डायगुट्टू दुर्गा पूजा कमिटी के लाइसेंसी सुरेंद्र शर्मा, डॉ. ताहिर हुसैन, डॉ. मोहम्मद अहमद, आफताब आलम, मीनू खान, मनीष शर्मा, जसपाल सिंह, मिस जसपाल, गोलू, तथा ट्रैफिक पुलिस के एसआई शैलेंद्र नायक उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि और संदेश:
कार्यक्रम के अंत में सभी ने चांडिल की अप्रिय घटना में शहीद हुए श्रद्धालुओं को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। वातावरण में एक गहरी शांति थी — आंखों में नमी थी, पर दिलों में यह संकल्प भी कि “मानवता ही सबसे बड़ी पूजा है।”
छठ के इस पुण्य अवसर पर ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट और आजादनगर थाना शांति समिति ने यह साबित किया कि आस्था तभी पूर्ण होती है, जब उसमें सेवा, संवेदना और एकता का भाव जुड़ा हो। इस वर्ष का छठ न केवल सूर्य उपासना का प्रतीक बना, बल्कि मानवता के प्रति समर्पण की एक नई मिसाल भी छोड़ गया।









