मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

छात्रवृत्ति आवेदन में अटके प्रमाण पत्र, छात्रों की बढ़ी चिंता

Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427
On: January 29, 2026 10:14 PM
Follow Us:
WhatsApp Image 2026 01 29 At 3.02.18 PM
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

  • अंचल कार्यालय पहुंचे पोटका के पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल
  • अंतिम तिथि से पहले त्वरित समाधान का मिला आश्वासन

पोटका | ई-कल्याण पोर्टल के माध्यम से मिलने वाली छात्रवृत्ति के लिए आवश्यक जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र के ऑनलाइन आवेदनों में देरी से परेशान विद्यार्थियों की समस्या को लेकर पोटका के पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल अंचल कार्यालय पहुंचे।

छात्रों की ओर से मिली सूचना के अनुसार, पोटका प्रखंड के अनेक विद्यार्थियों द्वारा छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाइन प्रमाण पत्र आवेदन किए गए हैं, लेकिन ये आवेदन संबंधित कर्मचारियों, अंचल निरीक्षक तथा अंचलाधिकारी की लॉगिन में लंबित पड़े हुए हैं।

30 जनवरी अंतिम तिथि, कामकाज ठप होने से बढ़ी परेशानी

जानकारी के अनुसार 30 जनवरी छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तिथि है। लेकिन वर्तमान में नगर निकाय चुनाव के कारण संबंधित कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति चुनाव कार्य में हो जाने से अंचल कार्यालय पोटका का कामकाज पिछले कुछ दिनों से प्रभावित है।

ऐसे में छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहे हैं। विद्यार्थियों को आशंका है कि यदि समय पर प्रमाण पत्र जारी नहीं हुए, तो वे छात्रवृत्ति लाभ से वंचित हो सकते हैं।

अंचलाधिकारी से दूरभाष पर हुई बात

पूर्व पार्षद करुणामय मंडल प्रज्ञा केंद्र संचालकों एवं विद्यालयों के सीआरपी के साथ अंचल कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां संबंधित पदाधिकारियों से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने अंचलाधिकारी निकिता वाला से दूरभाष पर बात कर पूरी स्थिति से अवगत कराया और जनहित में त्वरित समाधान की मांग की। पूर्व पार्षद के आग्रह पर पोटका सीओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया

इस दौरान पूर्व पार्षद के साथ उपस्थित रहे —

  • प्रज्ञा केंद्र संचालक राजू नारायण भक्त
  • चंदन भक्त
  • विद्यालय के सीआरपी मंडल
  • समाजसेवी मुनी राम बास्के

मुद्दे की गंभीरता

छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि हजारों छात्रों की पढ़ाई का सहारा है। प्रमाण पत्रों में देरी का सीधा असर विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर पड़ सकता है।

ई-गवर्नेंस प्रणाली का उद्देश्य प्रक्रियाओं को सरल बनाना है, लेकिन जमीनी स्तर पर कर्मचारियों की चुनावी ड्यूटी जैसी परिस्थितियां व्यवस्था को प्रभावित कर देती हैं। ऐसे समय में प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर शिक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

यह मामला दर्शाता है कि तकनीकी प्रणाली के साथ-साथ मानव संसाधन प्रबंधन भी उतना ही जरूरी है, ताकि छात्रों का भविष्य प्रशासनिक कारणों से प्रभावित न हो।

पूर्व पार्षद करुणामय मंडल की पहल के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया है। अब छात्रों और अभिभावकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अंतिम तिथि से पहले लंबित प्रमाण पत्र जारी हो पाते हैं या नहीं।

Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Leave a Comment