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ब्लॉकचेन तकनीक: भारत के डिजिटल गवर्नेंस का नया आधार स्तंभ

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On: October 24, 2025 9:24 PM
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  • राष्ट्रीय ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क (NBF) से लेकर ‘विश्वस्य ब्लॉकचेन स्टैक’ तक भारत की तकनीकी क्रांति का खाका

Digital Age: 21वीं सदी के डिजिटल युग में ब्लॉकचेन तकनीक एक ऐसी क्रांति के रूप में उभर रही है जो भरोसे, पारदर्शिता और दक्षता की परिभाषा बदल रही है।

जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा प्रोसेसिंग और निर्णय क्षमता पर निर्भर है, वहीं ब्लॉकचेन की ताकत बिना बिचौलियों के सत्यापन योग्य विश्वास (Verifiable Trust) स्थापित करने में निहित है।

भारत में शासन और डेटा प्रबंधन लंबे समय से केंद्रीकृत डेटाबेस पर आधारित हैं — जो भ्रष्टाचार, त्रुटियों और पारदर्शिता की कमी जैसी समस्याओं से जूझते हैं। ब्लॉकचेन इन समस्याओं का समाधान अपने वितरित (Distributed), छेड़छाड़-रोधी (Tamper-proof) और पारदर्शी (Transparent) लेजर सिस्टम के माध्यम से करता है।

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ब्लॉकचेन क्या है?

ब्लॉकचेन एक विकेंद्रीकृत डिजिटल बहीखाता (Ledger) है जिसमें लेन-देन या रिकॉर्ड्स क्रमिक रूप से “ब्लॉक्स” में संग्रहीत होते हैं। हर नया ब्लॉक पिछले ब्लॉक से जुड़ा होता है — जिससे डेटा में कोई भी बदलाव बिना ट्रेस छोड़े संभव नहीं होता।

ब्लॉकचेन के प्रकार:

  1. सार्वजनिक ब्लॉकचेन (Public Blockchain) — सभी उपयोगकर्ताओं के लिए खुला नेटवर्क (जैसे बिटकॉइन)।
  2. निजी ब्लॉकचेन (Private Blockchain) — किसी संस्था द्वारा नियंत्रित सीमित नेटवर्क, जैसे सरकारी अनुप्रयोग।
  3. कंसोर्टियम ब्लॉकचेन (Consortium) — कई संगठनों द्वारा साझा नियंत्रण।
  4. हाइब्रिड ब्लॉकचेन (Hybrid) — सार्वजनिक और निजी नेटवर्क का मिश्रण।

भारत का राष्ट्रीय ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क (NBF)

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 2021 में ₹64.76 करोड़ के बजट से राष्ट्रीय ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क (National Blockchain Framework) की शुरुआत की।

4 सितंबर 2024 को इसके आधिकारिक लॉन्च के साथ भारत ने विश्व को दिखा दिया कि वह ब्लॉकचेन तकनीक को शासन के हर स्तर तक ले जाने के लिए तैयार है।

इस फ्रेमवर्क का उद्देश्य है —

  • सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना
  • डेटा सुरक्षा और विश्वास को सुदृढ़ करना
  • और डिजिटल इंडिया विज़न के अनुरूप एक स्वदेशी ब्लॉकचेन इकोसिस्टम विकसित करना।
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विश्वस्य ब्लॉकचेन स्टैक: भारत का स्वदेशी ब्लॉकचेन प्लेटफ़ॉर्म

“विश्वस्य ब्लॉकचेन स्टैक” NBF का तकनीकी आधार है। यह एक मॉड्यूलर और स्केलेबल प्लेटफ़ॉर्म है जो सरकार और उद्योग के लिए ब्लॉकचेन-आधारित अनुप्रयोग विकसित करने की सुविधा देता है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • Blockchain-as-a-Service (BaaS): सरकारी विभाग बिना अपने सर्वर बनाए ब्लॉकचेन एप्लिकेशन चला सकते हैं।
  • वितरित डेटा सेंटर: NIC के भुवनेश्वर, पुणे और हैदराबाद डेटा सेंटर्स में होस्ट।
  • अनुमति प्राप्त नेटवर्क: केवल सत्यापित प्रतिभागियों को लेनदेन की अनुमति।
  • Open API Integration: अन्य सरकारी ई-गवर्नेंस प्लेटफार्मों के साथ सहज कनेक्शन।

एनबीएफलाइट — नवाचार के लिए ब्लॉकचेन सैंडबॉक्स

NBAFlight एक “सैंडबॉक्स” है जहाँ स्टार्टअप्स, शोधकर्ता और विद्यार्थी ब्लॉकचेन अनुप्रयोगों के प्रोटोटाइप पर प्रयोग कर सकते हैं। यह उन्हें शासन, आपूर्ति श्रृंखला और डिजिटल प्रमाणपत्रों के लिए स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स विकसित करने की सुविधा देता है।

प्रमाणिक — ऐप सुरक्षा के लिए ब्लॉकचेन समाधान

मोबाइल ऐप्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु “प्रमाणिक” नामक प्रणाली विकसित की गई है। यह ब्लॉकचेन की मदद से किसी ऐप की सत्यता की पुष्टि करती है ताकि फेक ऐप्स, फ़िशिंग और डेटा चोरी से बचाव हो सके।

ब्लॉकचेन आधारित शासन श्रृंखलाएँ (Chains)

भारत के राष्ट्रीय ब्लॉकचेन पोर्टल पर विभिन्न क्षेत्रों के लिए विशेष श्रृंखलाएँ बनाई गई हैं —

श्रृंखलाउपयोग
Certificate Chainशिक्षा व सरकारी प्रमाणपत्रों की सत्यता
Document Chainजाति, आय, राशन कार्ड, DL आदि दस्तावेज़ों का डिजिटल सत्यापन
Logistics Chainदवाओं की आपूर्ति श्रृंखला में ट्रैकिंग (औषध प्रणाली)
Judicial Chainन्यायिक आदेशों, नोटिस, जमानत आदि का डिजिटल रिकॉर्ड
ICJS (Criminal Justice)आपराधिक मामलों का एकीकृत रिकॉर्ड
Property Chainभूमि और संपत्ति के स्वामित्व का डिजिटल सत्यापन

21 अक्टूबर 2025 तक —
✅ 34 करोड़+ दस्तावेज ब्लॉकचेन पर सत्यापित
✅ 48,000 डॉक्यूमेंट चेन एंट्री
✅ 665 न्यायिक रिकॉर्ड
✅ 39,000 ICJS दस्तावेज

ब्लॉकचेन का नियामक और वित्तीय एकीकरण

  • ट्राई (TRAI): दूरसंचार क्षेत्र में स्पैम और फर्जी संदेशों को रोकने के लिए Distributed Ledger Technology (DLT) को लागू किया गया है, जिससे 1.13 लाख से अधिक संस्थाएँ पंजीकृत हैं।
  • आरबीआई (RBI): डिजिटल रुपया (e₹) जैसे प्रोजेक्ट्स ब्लॉकचेन पर आधारित हैं — जो भुगतान प्रणाली को तेज़, पारदर्शी और ट्रेस करने योग्य बना रहे हैं।
  • एनएसडीएल (NSDL): डिबेंचर अनुबंध निगरानी के लिए DLT-आधारित प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया गया है — जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

ब्लॉकचेन शिक्षा और क्षमता निर्माण

भारत सरकार ने 21,000+ अधिकारियों को ब्लॉकचेन तकनीक में प्रशिक्षित किया है।
प्रमुख पहलें:

  • PG Diploma in Fintech & Blockchain Development (PG-DFBD)
  • BLEND Online Course by C-DAC
  • FutureSkills Prime (NASSCOM Initiative)

इनका उद्देश्य भारत को भविष्य के ब्लॉकचेन कार्यबल के रूप में तैयार करना है।

भविष्य की दिशा और उपयोग के क्षेत्र

ब्लॉकचेन तकनीक से भविष्य में भारत की शासन व्यवस्था निम्न क्षेत्रों में और सशक्त होगी:

  • भूमि रिकॉर्ड और संपत्ति पंजीकरण
  • ब्लड बैंक व दान ट्रैकिंग
  • जीएसटी और कर पारदर्शिता
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की निगरानी
  • शिक्षा व रोजगार प्रमाणन
  • वित्तीय और न्यायिक प्रक्रियाओं में ऑटोमेशन
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भारत का राष्ट्रीय ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क (NBF) सिर्फ एक तकनीकी पहल नहीं, बल्कि “डिजिटल विश्वास” की नई परिभाषा है।
“विश्वस्य ब्लॉकचेन स्टैक” के माध्यम से भारत एक आत्मनिर्भर, पारदर्शी और सुरक्षित डिजिटल इकोसिस्टम बना रहा है —
जहाँ शासन और नागरिकों के बीच हर लेन-देन का भरोसा ब्लॉकचेन द्वारा सत्यापित होगा।

भारत अब दुनिया के उन अग्रणी देशों में शामिल हो गया है जो सरकारी स्तर पर ब्लॉकचेन को शासन की रीढ़ बना रहे हैं।
यह पहल “Digital India से Trusted India” की दिशा में भारत की निर्णायक छलांग है।

भारत ने ब्लॉकचेन तकनीक से डिजिटल गवर्नेंस में रचा नया इतिहास

भारत ने डिजिटल पारदर्शिता और डेटा सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रीय ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क (NBF) लॉन्च किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की इस पहल का उद्देश्य शासन, न्याय और उद्योग क्षेत्रों में ब्लॉकचेन-आधारित पारदर्शी सिस्टम लागू करना है।

यह फ्रेमवर्क “विश्वस्य ब्लॉकचेन स्टैक” नामक स्वदेशी तकनीक पर आधारित है, जो सरकार को Blockchain-as-a-Service (BaaS) के रूप में सुरक्षित और स्केलेबल प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। इससे दस्तावेज़ सत्यापन, संपत्ति रिकॉर्ड, लॉजिस्टिक्स ट्रैकिंग और न्यायिक दस्तावेजों को ब्लॉकचेन पर सुरक्षित रखा जा सकेगा।

मंत्रालय के अनुसार अब तक 34 करोड़ से अधिक सरकारी दस्तावेजों का ब्लॉकचेन पर सत्यापन किया जा चुका है। यह पहल डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के विज़न को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता और विश्वास को नया आयाम मिलेगा।

🔗 संदर्भ: MeitY, NIC, Digital India Corporation, PIB, Blockchain.gov.in

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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