चाईबासा: नगर परिषद चाईबासा चुनाव के दौरान क्षेत्र में बढ़ती हिंसा, भय के माहौल और प्रशासनिक निष्क्रियता को लेकर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष चंद्र मोहन तिऊ ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान क्षेत्र में जिस प्रकार की घटनाएं सामने आ रही हैं, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इससे आम जनता के बीच असुरक्षा और अविश्वास का माहौल पैदा हो सकता है।
चंद्र मोहन तिऊ ने अपने बयान में कहा कि लोकसभा, विधानसभा या नगर निकाय चुनाव से पहले क्षेत्र में हिंसा और भय का माहौल बनाना अब सत्ताधारी दल की राजनीतिक शैली बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं अखंड बिहार के 90 के दशक के उस दौर की याद दिलाती हैं, जब क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठते थे। उनका आरोप है कि सत्ता के संरक्षण में अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है और यही कारण है कि अब पुलिस पर भी तीर चलाए जाने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद चाईबासा चुनाव के दौरान वार्ड नंबर 17 में घर में घुसकर मारपीट की घटना सामने आई है, जो बेहद चिंताजनक है। इसके अलावा भगवा गमछा उतरवाने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं, जिन्हें उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली हैं और इससे समाज में तनाव का माहौल बनता है।
भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान खुलेआम धनबल का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि अब नगर परिषद के उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर भी पैसों की बोली लगाए जाने की चर्चा आम हो रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद गंभीर विषय है। उनका कहना है कि यदि इस प्रकार की गतिविधियों पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो इससे लोकतंत्र की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े होंगे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन के कई अधिकारी सत्ताधारी दल के दबाव में निष्पक्ष कार्रवाई करने से बच रहे हैं। उनके अनुसार यह स्थिति लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है और प्रशासन को किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
चंद्र मोहन तिऊ ने क्षेत्र में बढ़ते अवैध कारोबार को भी हिंसा और अस्थिरता का एक बड़ा कारण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में अवैध बालू और लौह अयस्क का उत्खनन लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही लॉटरी और नशाखोरी जैसे अवैध कारोबार भी तेजी से फैल रहे हैं, जिससे सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है और अपराध को बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि इन अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो इससे क्षेत्र में अपराध और हिंसा की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। उनका मानना है कि प्रशासन को इस दिशा में सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और समाज में शांति का वातावरण बनाए रखा जा सके।
भाजपा युवा मोर्चा ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि क्षेत्र में हो रही हिंसा की घटनाओं पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष तथा कड़ी कार्रवाई की जाए। संगठन ने यह भी कहा कि चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
भाजपा युवा मोर्चा का कहना है कि जनता का लोकतंत्र और कानून व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए आवश्यक है कि प्रशासन पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करे और किसी भी प्रकार की हिंसा या अवैध गतिविधि को सख्ती से रोके।
संगठन ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कदम उठाएगा और क्षेत्र में शांति तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावी कार्रवाई करेगा। उनका कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते ठोस कदम उठाता है तो जनता का विश्वास लोकतांत्रिक प्रक्रिया में और मजबूत होगा तथा चुनावी माहौल भी शांतिपूर्ण बना रहेगा।








