- दशरथ शुक्ला और सुजीत सिन्हा गैंग से जुड़े दोनों अपराधियों की गिरफ्तारी से पुलिस को बड़ी सफलता
जमशेदपुर : सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भूईयाडीह निवासी कारोबारी हरेराम सिंह के घर पर 10 अक्टूबर 2025 को रंगदारी वसूलने के उद्देश्य से हुई फायरिंग की घटना ने पूरे शहर को दहला दिया था। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जाँच शुरू की और कई दिनों की गुप्त निगरानी के बाद इसमें शामिल अपराधियों के ठिकानों का पता लगाया।
मुठभेड़ में घायल हुआ शूटर रवि महानंद उर्फ गोपला
27/28 अक्टूबर की मध्यरात्रि में वरीय पुलिस अधीक्षक, जमशेदपुर को गुप्त सूचना मिली कि फायरिंग कांड में शामिल शूटर रवि महानंद उर्फ गोपला सिदगोडा के के-2 एरिया स्थित खाली क्वार्टर नंबर-74 में छिपा हुआ है।
सूचना पर तत्काल पुलिस अधीक्षक (नगर) और पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय प्रथम) के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
जब पुलिस ने रात करीब 1:30 बजे उस क्वार्टर में दबिश दी तो अंदर से अपराधी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे रवि महानंद घायल हो गया। पुलिस ने मौके से उसे पकड़ा और इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ वह अभी भी उपचाररत है।
मुठभेड़ स्थल से बरामद सामग्री
- एक देशी पिस्टल (लोहे की)
- एक मैगजीन
- दो जिंदा कारतूस (7.65 मिमी)
- दो खोखा
- एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन
- शराब की बोतल, पानी की बोतल, डिस्पोजल ग्लास और प्लास्टिक शीट
दूसरी बड़ी गिरफ्तारी — आकाश सिंह उर्फ लालू
उसी रात वरीय पुलिस अधीक्षक को पुनः सूचना मिली कि अकाश सिंह उर्फ लालू, जो इस पूरे षड्यंत्र का अहम सदस्य है, न्यू सीतारामडेरा स्लैग रोड क्षेत्र में घूम रहा है। पुलिस टीम ने तुरंत छापेमारी कर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपने अपराध की पूरी कहानी स्वीकार कर ली।
षड्यंत्र का पूरा पर्दाफाश
अकाश सिंह ने बताया कि वह और दशरथ शुक्ला पहले कारोबारी हरेराम सिंह और उनके बेटे हरीश सिंह के व्यवसाय से जुड़े थे
और उन्हें 10,000 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता था। बाद में सरकारी शराब ठेका मिलने पर जब हरीश सिंह ने दोनों को दरकिनार कर
ग्वालियर (म.प्र.) निवासी प्रेम नारायण शिवहरे को ठेका दे दिया, तो दोनों ने बदले की भावना से कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा गैंग से हाथ मिला लिया।
इन दोनों ने दुबई में रह रहे गैंगस्टर प्रिंस खान से संपर्क कर हरेराम सिंह से रंगदारी की मांग शुरू की। रंगदारी नहीं देने पर 10 अक्टूबर को शूटरों ने हरेराम सिंह के घर पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया।
हथियारों की आपूर्ति और गिरोह की भूमिका
अकाश सिंह और दशरथ शुक्ला ने इस हमले के लिए रांची जाकर रिया सिन्हा और बब्लू खान (सुजीत सिन्हा गिरोह) से हथियार और गोलियाँ प्राप्त की थीं। दशरथ शुक्ला को पहले ही 23 अक्टूबर को तीन पिस्टल और गोलियों के साथ पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
गिरफ्तार अपराधियों के नाम और पता
- आकाश सिंह उर्फ लालू, पिता – अरविंद कुमार सिंह, निवासी – लक्ष्मीनगर, थाना – टेल्को, जिला – पूर्वी सिंहभूम।
- रवि महानंद उर्फ गोपला, पिता – शिवनाथ महानंद, निवासी – गाड़ाबासा, थाना – गोलमुरी, जिला – पूर्वी सिंहभूम।
रवि महानंद का आपराधिक इतिहास
- गोलमुरी थाना कांड सं. 49/2023 (धारा 379/411/34 भा.द.वि.)
- टेल्को थाना कांड सं. 161/2022 (धारा 394 भा.द.वि.)
विशेष टीम के सदस्य
- श्री भोला प्रसाद सिंह – पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय प्रथम), जमशेदपुर
- पु.नि. गुलाब रब्बानी खान – अंचल निरीक्षक, पटमदा
- पु.नि. निरंजन कुमार – थाना प्रभारी, सीतारामडेरा थाना
- पु.नि. बिरेन्द्र कुमार – थाना प्रभारी, सिदगोडा थाना
- पु.अ.नि. राजेश कुमार – सीतारामडेरा थाना
- पु.अ.नि. अक्षय कुमार – सीतारामडेरा थाना
- स.अ.नि. दिलीप कुमार – अंचल कार्यालय, सीतारामडेरा
पुलिस का बयान
जमशेदपुर वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा —
“भूईयाडीह फायरिंग कांड के दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से गिरोह की कमर टूट गई है।
शहर में अपराधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और शेष फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।”
भूईयाडीह फायरिंग कांड की यह कार्रवाई न सिर्फ पुलिस की रणनीतिक दक्षता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि जमशेदपुर पुलिस संगठित अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए सतत और सशक्त प्रयास कर रही है। शहर में पुलिस की साख और अपराधियों के मनोबल — दोनों का भविष्य अब एकदम विपरीत दिशा में जाता दिख रहा है।











