📍 आदित्यपुर, जमशेदपुर : विश्व एड्स दिवस के अवसर पर आदित्यपुर स्थित श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन में एक महत्वपूर्ण जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य एड्स (AIDS) जैसी गंभीर बीमारी के प्रति छात्रों और समाज में जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम की शुरुआत
सत्र का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मौसमी महतो ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने एड्स जैसी बीमारी की भयावह स्थिति पर प्रकाश डाला और कहा कि आज भी एड्स से संबंधित जागरूकता की कमी समाज के लिए बड़ी चुनौती है।
एड्स फैलने के कारणों पर विस्तृत जानकारी
वरिष्ठ शिक्षक एवं एनएसएस सेल के सदस्य श्री विनय शांडिल्य ने प्रशिक्षुओं को एड्स फैलने के प्रमुख कारणों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि—
✦ संक्रमित खून चढ़ाने से
✦ संक्रमित गर्भवती महिला से शिशु को
✦ संक्रमित उपकरणों का किसी अन्य व्यक्ति पर उपयोग करने से
➡ एड्स फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि समय पर जांच, सुरक्षित व्यवहार और सावधानी ही इस बीमारी से बचाव के सर्वोत्तम उपाय हैं।

समाज में खुलकर चर्चा की आवश्यकता
अपने वक्तव्य में श्री शांडिल्य ने जोर देते हुए कहा कि भारत जैसे देश में एड्स को लेकर जागरूकता की कमी आज भी बनी हुई है, क्योंकि लोग इस बीमारी पर खुलकर बात करने में झिझकते हैं। उन्होंने बताया कि पूरे विश्व में विभिन्न देशों की सरकारें, संगठन और एनजीओ एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के बीएड एवं डीएलएड प्रशिक्षु, सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। सत्र में प्रतिभागियों ने सक्रियता के साथ प्रश्न पूछे और अनेक महत्वपूर्ण जानकारियाँ हासिल कीं।
कार्यक्रम सफल और प्रभावशाली रहा। सत्र ने संदेश दिया कि — “एड्स से डरें नहीं, जागरूकता और सावधानी अपनाएँ।”













