जमशेदपुर : आज दिनांक 11 अक्टूबर 2025 को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, पूर्वी सिंहभूम के जिला कार्यालय में कायस्थ कुल गौरव, महान स्वतंत्रता सेनानी एवं सम्पूर्ण क्रान्ति के प्रणेता, भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की जयंती जिलाध्यक्ष श्री मदन मोहन प्रसाद जी की अध्यक्षता में श्रद्धापूर्वक मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने से हुई। उपस्थित सभी सदस्यों ने उनके प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
“लोकनायक जयप्रकाश नारायण – जनसेवा और क्रांति के प्रतीक”
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष श्री मदन मोहन प्रसाद ने कहा कि —
“लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी ने अपने जीवन में कभी सत्ता या पद की लालसा नहीं रखी। उनका उद्देश्य केवल जनसेवा था। उन्होंने ‘सम्पूर्ण क्रांति’ का आह्वान कर देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उनके विचार आज भी हमारे समाज के लिए प्रेरणा का अमिट स्रोत हैं।”
युवा पीढ़ी के लिए आदर्श
युवा संभाग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुमार आर्यन ने अपने वक्तव्य में कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी का जीवन निष्कपट राष्ट्रभक्ति और सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि —
“हमें लोकनायक जी के आदर्शों पर चलकर समाज और देश के हित में कार्य करना चाहिए। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता संग्राम के दौर में थे।”
वहीं जिला महामंत्री श्री अनिल सिन्हा ने कहा कि जयप्रकाश नारायण जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना हमारा कर्तव्य है, ताकि नई पीढ़ी सच्चे राष्ट्रनिर्माण के मूल्यों से जुड़ सके।
कार्यक्रम में प्रमुख पदाधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (युवा संभाग) कुमार आर्यन, जिला महामंत्री अनिल सिन्हा, कार्यकारी अध्यक्ष सरस कुमार श्रीवास्तव, कार्यकारी अध्यक्ष सह प्रवक्ता रंजीत श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुरारी प्रसाद, उपाध्यक्ष दिनेश कुमार श्रीवास्तव, कृष्णकांत सिन्हा सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित थे।
सभी उपस्थित जनों ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और यह संकल्प लिया कि वे उनके त्याग, सादगी और जनकल्याण के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाएँगे।
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा द्वारा आयोजित यह श्रद्धांजलि सभा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास थी। उनकी जयंती पर यह संकल्प लिया गया कि समाज में समानता, ईमानदारी और लोकहित की भावना को सशक्त किया जाएगा — वही सच्ची श्रद्धांजलि होगी उस महानायक को, जिसने सम्पूर्ण क्रांति का सपना देखा था।














