OTT : भारत सरकार ने एक साहसिक और स्वागतयोग्य निर्णय लेते हुए ULLU, ALTT, Desiflix, Big Shots App समेत 25 अश्लील OTT प्लेटफॉर्मों पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और IT नियम 2021 के अंतर्गत की गई है।
यह वही चेतावनी है जिसे “राष्ट्र चेतना महानगर” ने पहले ही समय रहते उजागर किया था — कि देश में बढ़ती डिजिटल अश्लीलता सामाजिक और सांस्कृतिक स्वास्थ्य को दूषित कर रही है।
“डिजिटल अश्लीलता पर लगाम: भारत सरकार का सख्त कदम राष्ट्र चेतना महानगर की चेतावनी हुई सच साबित”
क्यों लगा प्रतिबंध?
इन ऐप्स पर यह आरोप था कि ये:
- अश्लीलता और अभद्रता को बढ़ावा दे रहे थे
- पोर्नोग्राफिक कंटेंट को “कहानी” और “मनोरंजन” के नाम पर बेच रहे थे
- युवा पीढ़ी के मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक सोच को विकृत कर रहे थे

जिन 25 OTT ऐप्स पर कार्रवाई हुई, उनमें शामिल हैं:
ULLU, ALTT, Big Shots, Desiflix, Boomex, Gulab App, Kangan App, Bull App, Jalwa App, Navras Lite समेत कुल 25 ऐप्स।
इनके वेबसाइट्स, सोशल मीडिया हैंडल्स और मोबाइल ऐप्स सभी पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।
IT मंत्रालय की दो टूक चेतावनी:
- फरवरी 2025 में सरकार ने सभी OTT प्लेटफॉर्मों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वे भारतीय कानूनों का पालन करें
- मार्च 2025 में 18 OTT प्लेटफॉर्म्स की 19 वेबसाइटें, 10 ऐप्स और 57 सोशल मीडिया अकाउंट्स पहले ही बंद किए जा चुके थे
- अब जुलाई में यह निर्णायक और व्यापक प्रतिबंध दिखाता है कि सरकार डिजिटल नैतिकता के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगी
राष्ट्र चेतना महानगर की भूमिका:
राष्ट्र चेतना महानगर ने बारबार यह आवाज़ उठाई थी कि:
“डिजिटल आज़ादी की आड़ में अश्लीलता और विकृति को बढ़ावा देना राष्ट्रहित नहीं हो सकता।”
यह कार्रवाई उसी चेतावनी की पुष्टि है। यह सिर्फ ऐप पर प्रतिबंध नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक गरिमा की रक्षा है।
संदेश:
“मनोरंजन का अधिकार जरूरी है, लेकिन मर्यादित, संयमित और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ा हुआ।”
“सरकार की यह पहल आने वाली पीढ़ियों को नैतिकता, गरिमा और स्वस्थ मानसिकता का डिजिटल वातावरण देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।”
क्या आगे भी होगी सख्ती?
जी हां, सरकार ने संकेत दिया है कि जो भी डिजिटल प्लेटफॉर्म आईटी नियमों और अश्लीलता कानूनों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भारत सरकार की यह पहल सिर्फ तकनीकी नियंत्रण नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है — संस्कृति और नैतिकता की रक्षा का आंदोलन।
राष्ट्र चेतना महानगर इस कार्यवाही का समर्थन करता है और जनता से अपील करता है कि वे भी डिजिटल नैतिकता बनाए रखने में अपना योगदान दें।













