- उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक, सभी 65 डिलिवरी सेंटर (स्वास्थ्य केन्द्र) में एन.बी.सी.सी (न्यू बेबी केयर कॉर्नर) बनाने, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण के दिए निर्देश
JAMSHEDPUR : उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, कुपोषण, परिवार नियोजन, ममता वाहन, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम सहित तमाम स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति व गुणवत्ता की समीक्षा की गई ।
सरकारी संस्थाओं में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष बल देते हुए उपायुक्त ने कहा कि आंकड़ों पर ध्यान रखने से ज्यादा जरूरी है कि नागरिक इलाज से संतुष्ट होकर घर वापस लौटें । सदर अस्पताल में डायलिसिस सुविधा की समीक्षा में बताया गया कि अप्रैल से नवंबर माह तक कुल 835 लोग लाभान्वित हुए हैं, उपायुक्त द्वारा डायलिसिस यूनिट के बेहतर संचालन एवं मरीजों के उचित देखभाल का निर्देश दिया गया । घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में भी डायलिसिस यूनिट के बेहतर संचालन का निदेश दिया गया ताकि घाटशिला अनुमंडल क्षेत्र के लोगों को डायलिसिस के लिए जमशेदपुर नहीं आना पड़े। अनुमंडल अस्पताल में सी-सेक्शन से भी इलाज की समीक्षा की गई ।

उपायुक्त ने सभी स्वास्थ्य विभागीय पदाधिकारी-कर्मी एवं विशेषकर एमओआईसी को संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता देने, संस्थागत प्रसव को लेकर लोगों के बीच जागरूकता लाने का निदेश दिया गया। उन्होने कहा कि पहला एएनसी (गर्भावस्था पूर्व देखभाल) रजिस्ट्रेशन में अपेक्षित सुधार लाएं, चौथे एएनसी तक फॉलो अप करें ताकि संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जा सके। सभी लाभार्थियों को जननी सुरक्षा योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, कोई भी सुयोग्य लाभुक स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ लेने से वंचित न रहे इसे सुनिश्चित करें ।
बहरागोड़ा, चाकुलिया, पटमदा और गोलमुरी सह जुगसलाई प्रखंडों में टीकाकरण की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में विशेष कार्ययोजना बनाते हुए कार्य करें। कुपोषण उपचार केंद्र में बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग गतिविधियों को सशक्त बनाने का निर्देश दिया गया ।
उपायुक्त ने ममता वाहन की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता जताते हुए कहा कि सभी एमओआईसी संबंधित बीडीओ के साथ बैठक कर प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक वाहन जरूर टैग करें। डेंगू और मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु विशेष सतर्कता बरतने, फॉगिंग, जागरूकता अभियान एवं नेशनल वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत सभी गतिविधियों की कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, टीबी उन्मूलन अभियान। विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में एनीमिया जांच अभियान का विस्तार करने के निर्देश दिए गए।
परिवार नियोजन के अंतर्गत नसबंदी जैसे स्थायी उपायों को प्रखंड स्तरीय सीएचसी की क्षमता के अनुरूप योजनाबद्ध तरीके से लागू करने, सभी चिकित्सीय संसाधनों को अपडेट रखने एवं ऑब्जर्वेशन प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए । बैठक में सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल, एसीएमओ डॉ जोगेश्वर प्रसाद, डॉ रंजीत पांडा, डॉ ए मित्रा, डॉ मृत्युंजय धावड़िया, सभी एमओआईसी, डीपीसी, डीपीएम, डीडीएम, बीएएम, बीपीएम, बीडीएम व स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी-कर्मी उपस्थित रहे।














