खरसावां सदर अस्पताल में सिकल सेल एनीमिया लेबोरेटरी का शुभारंभ
जमशेदपुर, 3 दिसंबर 2025। सिकल सेल एनीमिया की शुरुआती पहचान और जांच को सुदृढ़ करने की दिशा में आज पूर्वी सिंहभूम जिले के खरसावां स्थित सदर अस्पताल, खासमहल में सिकल सेल एनीमिया स्क्रीनिंग के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशाला का शुभारंभ किया गया। यह सुविधा जिले में अपनी तरह की पहली हाई-टेक प्रणाली है, जिससे इस गंभीर आनुवंशिक बीमारी की शीघ्र पहचान और उपचार सुनिश्चित हो सकेगा।

कार्यक्रम में उपस्थित रहे कई गणमान्य अतिथि
शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि रहे —
🔹 डॉ. इरफान अंसारी, माननीय मंत्री, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण तथा आपदा प्रबंधन विभाग, झारखंड सरकार।
इसके अलावा कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे —
- श्री संजीव सरदार, विधायक, पोटका
- श्रीमती पूर्णिमा साहू, विधायक, जमशेदपुर पूर्वी
- श्री अजय कुमार सिंह, आईएएस, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग, झारखंड
- श्री शशि प्रकाश झा, आईएएस, मिशन निदेशक, नेशनल हेल्थ मिशन, झारखंड
- श्री कर्ण सत्यार्थी, आईएएस, उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम
- डॉ. साहिर पाल, सिविल सर्जन, पूर्वी सिंहभूम
- अजय कुमार सिन्हा, एसीएमओ
- डी. बी. सुंदर रमन, निदेशक, टाटा स्टील फाउंडेशन
- सौरव रॉय, सीईओ, टाटा स्टील फाउंडेशन
ICMR-अनुमोदित तकनीक से होगी हाई-प्रिसीजन जांच
नई स्थापित लैब DBS–PCR (Dried Blood Spot–PCR) तकनीक पर आधारित है, जिसे CSIR–CCMB द्वारा विकसित किया गया है। यह केंद्र पूर्वी सिंहभूम के सभी क्षेत्रों से लिए गए नमूनों को प्रोसेस करेगा और —
✔ पहले से कहीं अधिक तेज
✔ अत्यधिक सटीक
✔ और ग्रामीण व दूरस्थ इलाकों के लिए सुलभ
जांच सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
इससे खासतौर पर आदिवासी एवं दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहद लाभ मिलने की उम्मीद है।
टाटा स्टील फाउंडेशन: “यह हमारे समुदायों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक”
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए डी. बी. सुंदर रमन, निदेशक, टाटा स्टील फाउंडेशन ने कहा —
“सिकल सेल एनीमिया स्क्रीनिंग लैब हमारे समुदायों को कठिन भौगोलिक और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों में सहारा देने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मANSI प्रोग्राम के माध्यम से मातृ और नवजात मृत्यु दर को कम करने के अनुभव ने हमें इस बीमारी की गंभीरता और समय पर पहचान की आवश्यकता को समझने में मदद की है। हम झारखंड सरकार और CSIR–CCMB के सहयोग के लिए आभारी हैं।”

दो वर्ष में 2 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य
इस परियोजना को टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा 4.25 करोड़ रुपये के निवेश से शुरू किया गया है। इसके तहत —
- 2 वर्षों में 2 लाख लोगों की स्क्रीनिंग
- विशेष प्राथमिकता — आदिवासी समुदाय और पीवीटीजी (विशेष रूप से असुरक्षित जनजातीय समूह)
यह पहल नेशनल सिकल सेल एनीमिया एलिमिनेशन मिशन (2023–2047) के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य —
✔ समय पर पहचान
✔ जागरूकता
✔ परामर्श
के ज़रिए बीमारी के जीन-संचरण को कम करना है।
डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम भी शामिल
परियोजना के तहत —
- फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मी समुदाय स्तर पर नमूना संग्रह करेंगे
- परीक्षण रिपोर्ट राष्ट्रीय सिकल सेल ऐप पर ऑनलाइन उपलब्ध होंगी
- ABHA ID या मोबाइल नंबर के माध्यम से रिपोर्ट एक्सेस की जा सकेगी
पूर्वी सिंहभूम जिले में इस उच्च स्तरीय मेडिकल सुविधा का शुभारंभ आदिवासी बहुल एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया से लड़ने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा। यह पहल आने वाले वर्षों में लोगों की जान बचाने, जागरूकता बढ़ाने और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।














