धनबाद, 7 दिसंबर 2025 : भारतीय गैर सरकारी शिक्षक संघ एवं समाजसेवी संस्था IPTA की 400वीं महत्वपूर्ण बैठक आज धनबाद के नवजीवन अकैडमी परिसर में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता धनबाद जिला अध्यक्ष मिथिलेश दास ने की, जबकि जिले एवं प्रदेश के कई शिक्षकों, पदाधिकारियों और सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों व विद्यार्थियों को सम्मानित करना तथा IPTA के विस्तार व अधिकारों को संविधानिक मान्यता दिलाने की दिशा में देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार करना रहा।

शिक्षकों और विद्यार्थियों को सम्मान
कार्यक्रम के दौरान धनबाद के शिक्षकों को नियुक्ति पत्र और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं नवजीवन अकैडमी के सैकड़ों विद्यार्थियों को सहभागिता प्रमाणपत्र दिया गया। इस उपलब्धि के साथ जमशेदपुर के बाद धनबाद झारखंड का दूसरा जिला बन गया है जहां विद्यार्थियों को IPTA द्वारा प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
जिला अध्यक्ष मिथिलेश दास ने कहा कि यह प्रमाणपत्र विद्यार्थियों के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे—
- वे किसी भी प्रतियोगिता के अवसर से वंचित नहीं रहेंगे
- रोजगार और कैरियर के लिए उनकी पात्रता एवं आत्मविश्वास बढ़ेगा
IPTA एक्ट के लिए आंदोलन की तैयारी
बैठक में राष्ट्रीय सलाहकार बालकरण जी ने स्पष्ट कहा कि IPTA संगठन 2026 तक संविधान में अपनी वैधानिक पहचान दर्ज कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा—
“IPTA के लिए संविधान में अलग एक्ट बनेगा और शिक्षक सम्मान योजना हर राज्य में लागू कराई जाएगी। यही हमारा संकल्प और लक्ष्य है।”
बैठक में शिक्षक हित और शिक्षा व्यवस्था की मजबूती के संबंध में कई प्रस्ताव पारित किए गए, जिन्हें आने वाले महीनों में राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी
- झारखंड प्रदेश अध्यक्ष — वकील कुमार
- राष्ट्रीय सलाहकार — बालकरण जी
- धनबाद जिला अध्यक्ष — मिथिलेश दास
- जिला सचिव — अंसारी जी
- बोकारो जिला सचिव — लाल बाबू
- सुभाजित बनर्जी, मोहित प्रसाद
- तथा बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक
राष्ट्रीय भावना के साथ समापन
आयोजन का समापन राष्ट्रभक्ति के माहौल में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ गाकर किया गया। कार्यक्रम के अंत में IPTA परिवार की ओर से सभी आगंतुकों के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया गया।
धनबाद की यह बैठक IPTA के सशक्तीकरण और देश की शिक्षा व्यवस्था में निर्णायक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई है। यदि IPTA एक्ट और शिक्षक सम्मान योजना लागू होती है तो आने वाले समय में देश के लाखों शिक्षकों और विद्यार्थियों का हित सुनिश्चित होगा।














