सरिया : सरिया वासियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया। लंबे अरसे से चली आ रही मांग के बाद केंद्र सरकार ने सरिया के बहुचर्चित हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस के ठहराव की सौगात दी है। रांची से वाराणसी के बीच चलने वाली इस ट्रेन का ठहराव आज से प्रभावी हो गया।
समय सारिणी
रेलवे द्वारा जारी समय-सारिणी के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस का सुबह 8:14 बजे आगमन और 8:16 बजे प्रस्थान होगा। यह समय यात्रियों के लिए बेहद अनुकूल माना जा रहा है।
स्वागत समारोह और हरी झंडी
इस ऐतिहासिक उपलब्धि की खुशी में आज हजारीबाग रोड रेलवे परिसर में एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बगोदर विधानसभा के सचेतक नागेंद्र महतो के नेतृत्व में हुआ।
समारोह के दौरान वर्तमान विधायक ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर स्टेशन परिसर से रवाना किया।
कार्यक्रम में सरिया बाजार के बड़े व्यवसायी, सरिया–बगोदर–बिरनी क्षेत्र के ग्रामीण, स्थानीय नेता, समाजसेवी तथा रेलवे प्रशासन के कई छोटे-बड़े अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
वर्षों की मांग हुई पूरी
उल्लेखनीय है कि इस ठहराव को लेकर बीते कई वर्षों से समाजसेवियों, स्थानीय नेताओं और बाजार के व्यापारियों द्वारा लगातार आंदोलन और मांग उठाई जाती रही थी। अंततः केंद्र सरकार ने राज्य एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी की पहल पर इस मांग को स्वीकार करते हुए ठहराव प्रदान किया।
खुशी के साथ कुछ नाराजगी भी
ट्रेन के ठहराव से जहां आम लोगों में खुशी की लहर है, वहीं समाज के कुछ छोटे और मध्यम वर्गीय तबकों में हल्की नाराजगी भी देखने को मिली। उनका कहना है कि यदि ठहराव देना ही था तो ऐसी ट्रेनों का भी ठहराव होना चाहिए था, जिनका किराया आम और मध्यम वर्ग की पहुंच में हो।
हालांकि, इन लोगों ने यह भी स्वीकार किया कि कम से कम एक बेहतर और तेज ट्रेन का ठहराव मिलना भी अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, जिससे विशेष जरूरत के समय लोग कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
तीर्थ यात्रियों को होगा बड़ा लाभ
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस ट्रेन का समय इतना उपयुक्त है कि यात्री सुबह जाकर वाराणसी जैसे प्रमुख तीर्थस्थल का दर्शन कर उसी दिन वापस अपने घर लौट सकते हैं, जिससे धार्मिक यात्राओं को नई गति मिलेगी।
कुल मिलाकर, हजारीबाग रोड स्टेशन पर रांची–बनारस वंदे भारत एक्सप्रेस का ठहराव सरिया और आसपास के क्षेत्रों के लिए विकास, सुविधा और संपर्क के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।












