गाजियाबाद | उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी इलाके में पूर्व मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। 27 फरवरी 2026 को उनके कार्यालय में घुसकर दो हमलावरों ने चाकू से उन पर कई वार किए थे। इस हमले में सलीम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। फिलहाल उनका इलाज दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल साकेत में चल रहा है, जहां डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि सोशल मीडिया और वैचारिक मतभेदों से जुड़े खतरों को भी सामने लाती है।
हमले की घटना: ऑफिस में घुसकर किया गया हमला
जानकारी के अनुसार 27 फरवरी को सलीम वास्तिक अपने कार्यालय में मौजूद थे, तभी दो हमलावर अचानक वहां पहुंचे और चाकू से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमलावरों ने सलीम के गले और पेट पर कई वार किए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल, साकेत में भर्ती कराया गया। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया, जिसमें हमलावरों को कार्यालय में घुसकर हमला करते देखा गया।
पुलिस कार्रवाई: आरोपी मुठभेड़ में ढेर
पुलिस जांच में हमले के पीछे दो आरोपियों — जीशान और गुलफाम — के नाम सामने आए। गाजियाबाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की और बाद में दोनों आरोपियों को एक पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि हमलावर सलीम वास्तिक के वीडियो और उनकी विचारधारा से नाराज थे। कुछ रिपोर्टों में कट्टरपंथी तत्वों से संभावित जुड़ाव की भी जांच की जा रही है।
हालांकि पुलिस ने अभी इस मामले में किसी बड़े नेटवर्क की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच कई एंगल से जारी है।
स्वास्थ्य अपडेट: खतरे से बाहर, लेकिन बोलने में दिक्कत
हमले के बाद सलीम की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही थी। डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिनों तक निगरानी में रखा।
डॉक्टरों के अनुसार:
- हमले के 7–10 दिन बाद उन्हें होश आ गया।
- वे आंखें खोलकर डॉक्टरों के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।
- किडनी और फेफड़े सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
- हालांकि गले में गंभीर चोट होने के कारण उन्हें बोलने में अभी दिक्कत हो रही है।
डॉक्टरों ने उनका ब्रेन MRI भी कराया है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। 8 मार्च तक मिली जानकारी के अनुसार उनकी स्थिति पहले से काफी बेहतर बताई जा रही है।
सुरक्षा बढ़ाई गई, परिवार को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया
हमले के बाद सलीम वास्तिक और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। अस्पताल में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और उनके परिवार को भी एहतियातन सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस हमले के पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र या बाहरी नेटवर्क तो नहीं है।
कौन हैं सलीम वास्तिक?
सलीम वास्तिक गाजियाबाद के लोनी इलाके के निवासी हैं। उनका मूल नाम सलीम अहमद बताया जाता है। उन्होंने अपनी शुरुआती धार्मिक शिक्षा लोनी के आजाद स्कूल में प्राप्त की थी और लंबे समय तक इस्लामिक परंपराओं से जुड़े रहे।
Ex-Muslim बनने का सफर
बताया जाता है कि समय के साथ सलीम ने धार्मिक ग्रंथों और सामाजिक प्रथाओं पर सवाल उठाने शुरू किए। कुरान, हलाला प्रथा, मदरसा शिक्षा और कुछ धार्मिक व्याख्याओं को लेकर उनके विचार बदलते गए। करीब 25 वर्ष पहले उन्होंने इस्लाम से अलग होने का फैसला लिया और अपना नाम बदलकर सलीम वास्तिक रख लिया। उनका कहना रहा है कि यह फैसला उन्होंने तर्क और व्यक्तिगत विचारों के आधार पर लिया।
यूट्यूब और सामाजिक सक्रियता
सलीम वास्तिक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहे हैं। उनका यूट्यूब चैनल “Salim Wastik 0007” नाम से चलता है, जिस पर लगभग 28 हजार से अधिक सब्सक्राइबर हैं।
अपने वीडियो में वे अक्सर
- हलाला प्रथा
- मदरसा शिक्षा
- मुस्लिम समाज की सामाजिक समस्याएं
जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा करते थे।
वे कई टीवी डिबेट्स में भी भाग ले चुके हैं, जहां धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखते थे। इसी वजह से वे कई बार विवादों और विरोध का सामना भी करते रहे। गाजियाबाद में सलीम वास्तिक पर हुआ हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि वैचारिक मतभेदों से उपजी हिंसा का गंभीर उदाहरण माना जा रहा है।
जहां एक ओर पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, वहीं समाज में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या विचारों के मतभेद का जवाब हिंसा हो सकता है। फिलहाल राहत की बात यह है कि गंभीर हमले के बावजूद सलीम वास्तिक की हालत में सुधार हो रहा है और डॉक्टर उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद जता रहे हैं।









