पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला से शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में स्थित प्लॉट नंबर 323 के पास कूड़े के ढेर में एक नवजात शिशु का शव मिलने से सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश और भय का माहौल बन गया, वहीं पुलिस प्रशासन ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
सुबह-सुबह सामने आया भयावह दृश्य
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह नगर निगम की सफाई टीम इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में नियमित रूप से कूड़ा उठाने का कार्य कर रही थी। इसी दौरान एक कर्मचारी की नजर कूड़े के ढेर में पड़े कपड़े में लिपटे नवजात के शव पर पड़ी। पहले तो कर्मचारियों को विश्वास नहीं हुआ, लेकिन पास जाकर देखने पर यह स्पष्ट हो गया कि वह एक नवजात शिशु का शव है यह दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद सफाईकर्मी सहम गए। उन्होंने तुरंत अपने उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस, इलाके को किया सील
घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-19 पुलिस चौकी प्रभारी, सेक्टर-7 थाना के थाना प्रभारी (SHO) और एसीपी राकेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को घेराबंदी कर सुरक्षित किया और किसी भी बाहरी व्यक्ति को पास जाने से रोका फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। कूड़े के ढेर के आसपास की मिट्टी, कपड़े और अन्य सामग्री की बारीकी से जांच की गई।
पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज
पुलिस ने नवजात के शव को कब्जे में लेकर पंचकूला के सरकारी अस्पताल भिजवाया, जहां शव को पोस्टमार्टम हाउस में सुरक्षित रखा गया है। डॉक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि—
- नवजात मृत अवस्था में फेंका गया था या जीवित
- मौत सामान्य थी या हत्या की गई
- बच्चे के शरीर पर किसी तरह की चोट या हिंसा के निशान हैं या नहीं
- जन्म कितने घंटे या दिन पहले हुआ था
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
इंडस्ट्रियल एरिया होने के कारण आसपास कई फैक्ट्रियां, गोदाम और व्यावसायिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं, जिनमें सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। पुलिस ने सभी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि—
- नवजात को यहां कौन लेकर आया
- किस समय कूड़े के ढेर में फेंका गया
- कोई संदिग्ध व्यक्ति या वाहन कैमरे में कैद हुआ है या नहीं
इसके साथ ही पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे ट्रैफिक कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।
अस्पतालों और नर्सिंग होम से मांगी गई जानकारी
पुलिस ने पंचकूला और आसपास के इलाकों में स्थित सरकारी और निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड सेंटरों से भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। बीते कुछ दिनों में—
- किसी महिला के अचानक अस्पताल से गायब होने
- बिना पंजीकरण प्रसव
- संदिग्ध डिलीवरी
जैसी किसी भी सूचना को गंभीरता से जांचा जा रहा है।
स्थानीय लोगों में गुस्सा और सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि मानवता पर कलंक है। एक नवजात को इस तरह कूड़े में फेंक देना बेहद अमानवीय है कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि समाज में जागरूकता और सरकारी योजनाओं के बावजूद इस तरह की घटनाएं क्यों हो रही हैं।
सामाजिक और मानसिक दबाव की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं के पीछे कई कारण हो सकते हैं—
- अविवाहित गर्भावस्था
- सामाजिक बदनामी का डर
- आर्थिक मजबूरी
- पारिवारिक दबाव
- अवैध या छुपे हुए संबंध
हालांकि, पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
किन धाराओं में दर्ज हो सकता है मामला
यदि जांच में यह साबित होता है कि—
- नवजात को जानबूझकर मारा गया
- जीवित अवस्था में फेंका गया
तो आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा, जिसमें आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
एक मासूम की मौत, समाज के लिए चेतावनी
यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज की संवेदनशीलता और नैतिकता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। एक नवजात, जिसने दुनिया को ठीक से देखा भी नहीं, उसे इस तरह कूड़े के ढेर में फेंक दिया जाना बेहद दर्दनाक है।
पुलिस का कहना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी और दोषियों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।”













