- पूर्वी सिंहभूम में आचार संहिता के कारण केवल ज्ञापन सौंपा गया
जमशेदपुर : भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर आज 25 फरवरी 2026 को देशभर में राष्ट्रव्यापी धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री के नाम मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रत्येक जिले के मुख्यालय पर सौंपा गया।
इसी क्रम में झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में भारतीय मजदूर संघ के सदस्यों ने जिला मंत्री श्री अमरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में जमशेदपुर स्थित जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। हालांकि, राज्य में नगर पालिका चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण धरना-प्रदर्शन नहीं किया गया और केवल शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन दिया गया।
ज्ञापन में अखिल भारतीय मजदूर संघ के 21वें अखिल भारतीय अधिवेशन में पारित प्रस्तावों का उल्लेख किया गया है। इन प्रस्तावों में श्रमिकों से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया गया है, जिनमें ईपीएस-95 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने, ईपीएफ और ईएसआईसी की वेतन सीमा में वृद्धि, बोनस भुगतान अधिनियम से जुड़ी सीमाओं में सुधार, असंगठित एवं ठेका श्रमिकों को संवैधानिक अधिकारों के अनुरूप समान अधिकार देने तथा रोजगार में सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
इसके साथ ही ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि श्रम कानूनों को बिना किसी भेदभाव के सभी क्षेत्रों और सभी श्रमिकों पर समान रूप से लागू किया जाए। इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड 2020 और ऑक्युपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड 2020 से संबंधित श्रमिकों की चिंताओं का समाधान करने की भी मांग रखी गई है। त्रिपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने और श्रमिक हितों से जुड़ी समितियों को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया है।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष श्री बलिराम यादव, विभाग प्रमुख जमशेदपुर श्री अभिमन्यु सिंह, जिला अध्यक्ष श्री अनिमेष कुमार दास, जिला कार्यकारी अध्यक्ष श्री वाई. शुक्ला, अखिल खनिज धातु महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर पंडित, जिला सह मंत्री श्री उपेंद्र सिंह, यूरेनियम मजदूर संघ जादूगोड़ा के संगठन मंत्री श्री मुकेश कुमार, श्रीमती बिंदु रानी, सन्नो देवी सहित बड़ी संख्या में मजदूर संघ के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम मजदूरों के अधिकारों की रक्षा और उनकी जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। संगठन को विश्वास है कि केंद्र सरकार इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उचित और सकारात्मक कदम उठाएगी।












