भोजपुर: करगहर-समहुता मुख्य पथ पर कौआडिह गांव के पास शनिवार देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई। तिलक समारोह से लौट रही एक बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पानी से भरे चाट में पलट गई। इस हादसे में भोजपुर जिले के एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतक की पहचान
दुर्घटना में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान 65 वर्षीय कामेश्वर राय के रूप में हुई है। वे भोजपुर जिला के तरारी थाना क्षेत्र अंतर्गत खवनी गांव के निवासी थे।
दो युवक गंभीर रूप से घायल
हादसे में मृतक के 30 वर्षीय पुत्र उज्जवल राय और खवनी गांव निवासी 29 वर्षीय भोला राय (पिता – रामाआश्रय राय) गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तुरंत करगहर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सासाराम सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
तिलक समारोह से लौटते वक्त हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, शनिवार की शाम करगहर थाना क्षेत्र के समहुता गांव में मधुरेंद्र राय के घर भोजपुर के खवनी गांव से तिलक आया था। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद रात करीब एक बजे कुछ लोग बोलेरो से अपने गांव लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि बोलेरो की हेडलाइट खराब थी, जिस कारण चालक अन्य वाहनों की रोशनी के सहारे गाड़ी चला रहा था। कौआडिह गांव के पास एक मोड़ पर वाहन अनियंत्रित हो गया और पानी भरे चाट में पलट गया।
पानी में डूबने से मौत
हादसे के दौरान बोलेरो में सवार कामेश्वर राय पानी में फंस गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने बोलेरो में फंसे सभी लोगों को बाहर निकाला।
पुलिस जांच में जुटी
सूचना मिलते ही करगहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष कमल नयन पांडेय ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला लापरवाही से वाहन चलाने का प्रतीत होता है, हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
परिजनों में मचा कोहराम
घटना की खबर मिलते ही मृतक के गांव और परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि खराब वाहन और रात के समय लापरवाही से की गई ड्राइविंग कितनी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि दुर्घटना किन कारणों से हुई, लेकिन एक परिवार ने अपना बुजुर्ग खो दिया—जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।












