जमशेदपुर: साकची स्थित करीम सिटी कॉलेज में एनएसएस और भूगोल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में टीबी (क्षय रोग) जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम लोगों के बीच टीबी के लक्षण, बचाव और समय पर उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज़ ने अतिथियों के स्वागत के साथ की। उन्होंने अपने संबोधन में टीबी के लक्षणों को पहचानने, समय पर जांच कराने और नियमित इलाज की आवश्यकता पर जोर देते हुए छात्रों को जागरूक नागरिक बनने का संदेश दिया। इसके बाद एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. आले अली ने टीबी के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि सही जागरूकता और उपचार से इस बीमारी को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री दीपक ठक्कर, झारखंड स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर, ने प्रस्तुति के माध्यम से टीबी के कारण, लक्षण, जांच प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टीबी एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है, यदि मरीज समय पर जांच कराए और दवाएं नियमित रूप से ले।
जिला टीबी पदाधिकारी, पूर्वी सिंहभूम डॉ. योगेश्वर प्रसाद ने भी सरकार द्वारा चलाए जा रहे टीबी उन्मूलन कार्यक्रमों की जानकारी दी और लोगों से अपील की कि किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। वहीं मो. फखरे आलम, जिला टीबी-एचआईवी समन्वयक, ने टीबी और एचआईवी के संबंध तथा जागरूकता की जरूरत पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन आलिया फिरदौस ने किया। इस अवसर पर एनएसएस स्वयंसेवकों ने “टीबी मुक्त भारत” अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। स्वयंसेवक गांवों और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता रैली, पोस्टर अभियान, नुक्कड़ नाटक और घर-घर संपर्क के माध्यम से लोगों को टीबी के लक्षण, जांच और निःशुल्क उपचार की जानकारी देंगे।
अंत में एनएसएस अध्यक्ष जयकृष्ण धारा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित विद्यार्थियों ने टीबी उन्मूलन के लिए जागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया।











