जमशेदपुर । सुबह का वक्त था। बाजार धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा था। लोग अपने-अपने काम में व्यस्त थे। ठेलों पर सजे ताजे फलों की खुशबू हवा में घुल रही थी। सब कुछ सामान्य था — लेकिन कुछ ही पलों में गोलियों की आवाज ने इस सुकून को चीखों और अफरा-तफरी में बदल दिया।
यह सनसनीखेज वारदात जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र में हुई, और सबसे हैरानी की बात यह रही कि घटना थाना परिसर से महज 50 मीटर की दूरी पर अंजाम दी गई।
अचानक बरसी गोलियां
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फल विक्रेता कन्हैया यादव रोज की तरह अपने ठेले पर ग्राहकों को फल दे रहे थे। तभी बाइक पर सवार दो अज्ञात युवक वहां पहुंचे। किसी को कुछ समझ आता, उससे पहले ही ताबड़तोड़ गोलियां चलनी शुरू हो गईं।
लोगों ने बताया कि हमलावरों ने बिना किसी बहस या चेतावनी के सीधे निशाना साधा। कन्हैया यादव को तीन से अधिक गोलियां लगीं और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। गोलियों की गूंज से पूरा इलाका थर्रा उठा।
बाजार में मची भगदड़
फायरिंग की आवाज सुनते ही दुकानदारों ने शटर गिराने शुरू कर दिए। राहगीर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोग जमीन पर लेट गए, तो कुछ पास की दुकानों में छिप गए। कुछ ही मिनटों में चहल-पहल वाला बाजार दहशत में डूब गया।
हमलावर वारदात को अंजाम देकर तेज रफ्तार बाइक से फरार हो गए। सब कुछ इतना तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।
जिंदगी की जंग
घायल कन्हैया यादव को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत टाटा मेन हॉस्पिटल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि डॉक्टर उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह मामला आपसी रंजिश, रंगदारी या कारोबार से जुड़ी प्रतिस्पर्धा का तो नहीं। कन्हैया यादव के बयान के बाद ही असल वजह साफ हो पाएगी।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
थाना से महज 50 मीटर दूर दिनदहाड़े हुई इस दुस्साहसिक वारदात ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर थाना के इतने करीब यह हाल है, तो बाकी इलाकों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
फिलहाल पूरा शहर इस सवाल का जवाब चाहता है — आखिर किस वजह से एक मेहनतकश फल विक्रेता को गोलियों का निशाना बनाया गया? और कब तक अपराधी कानून को खुली चुनौती देते रहेंगे?
अब निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं।













