जमशेदपुर/घाटशिला:मुरली इंटर महाविद्यालय में गुरुवार को वार्षिक खेल दिवस का आयोजन बड़े ही उत्साह, अनुशासन और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही विद्यालय परिसर में खेलों को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। खेल मैदान रंग-बिरंगे परिधानों में सजे छात्रों, शिक्षकों और अतिथियों की उपस्थिति से जीवंत हो उठा। पूरे दिन चले इस आयोजन में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित पीटी शिक्षक श्री रामस्वरूप यादव द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद मार्च पास्ट की आकर्षक प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। मार्च पास्ट की सलामी श्री तुषार जी द्वारा ली गई, जिसमें विभिन्न हाउस के छात्र-छात्राओं ने अनुशासित कदमताल के साथ अपने-अपने ध्वज और बैनर के साथ शानदार प्रदर्शन किया। मार्च पास्ट के दौरान विद्यार्थियों की एकजुटता, अनुशासन और समन्वय ने उपस्थित सभी अतिथियों और अभिभावकों को प्रभावित किया।
खेल प्रतियोगिताओं की शुरुआत होते ही मैदान में जोश और प्रतिस्पर्धा का माहौल बन गया। इस अवसर पर 100 मीटर दौड़, 200 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊँची कूद, कबड्डी, खो-खो, फुटबॉल सहित कई पारंपरिक और आधुनिक खेलों का आयोजन किया गया। प्रत्येक प्रतियोगिता में छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया। दौड़ प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों की गति और उत्साह देखने लायक था, वहीं कबड्डी और खो-खो जैसे टीम खेलों में छात्रों ने रणनीति और टीम वर्क का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। फुटबॉल मुकाबलों ने दर्शकों को खासा रोमांचित किया और खिलाड़ियों के शानदार खेल ने खूब तालियां बटोरीं।
खेल मैदान पूरे दिन विद्यार्थियों के उत्साह, अनुशासन और खेल भावना से सराबोर रहा। शिक्षकगण और अभिभावक भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते नजर आए। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना और शारीरिक-मानसिक विकास को प्रोत्साहित करना था, जिसमें विद्यालय पूरी तरह सफल रहा।
मुख्य अतिथि श्री रामस्वरूप यादव ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल केवल मनोरंजन या प्रतियोगिता का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह जीवन में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करने का सबसे प्रभावी साधन हैं। उन्होंने कहा, “आज के दौर में पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी सक्रिय रहना बेहद आवश्यक है। खेल हमें स्वस्थ रखते हैं और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता प्रदान करते हैं।” उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे पढ़ाई और खेल दोनों में संतुलन बनाकर आगे बढ़ें और अपने विद्यालय व देश का नाम रोशन करें।
कार्यक्रम के समापन सत्र में सभी प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को मेडल, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। विजेताओं के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। साथ ही अन्य प्रतिभागियों को भी उनके प्रयास और भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया। विद्यालय की प्राचार्या डॉ. नूतन रानी ने अपने धन्यवाद ज्ञापन में सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिलता है और विद्यालय में सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है।
इस सफल आयोजन में डॉ. काशीनाथ महतो, खेल समन्वयक छवि कुमारी, शिक्षिका मोनी शर्मा, श्री पितांवर सोरेन, एडमिशन काउंसलर जयंत कुमार भगत, करण मुर्मू, चुडामनी मुर्मू, तनु सिंह सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं छात्र-छात्राओं विवेक, ऋषिकेश, निहाल लोहार, स्नेहा नायक, कृष्णा गुप्ता, देवयानी, आलोक सहित कई विद्यार्थियों का आयोजन को सफल बनाने में सराहनीय योगदान रहा।
दिनभर चले इस खेल उत्सव ने विद्यालय परिसर को ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता से भर दिया। विद्यार्थियों ने न केवल खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाई, बल्कि अनुशासन और टीम भावना का भी परिचय दिया। अंततः यह वार्षिक खेल दिवस विद्यार्थियों के लिए यादगार बन गया और सभी के मन में खेलों के प्रति नई ऊर्जा और प्रेरणा छोड़ गया। विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को और अधिक भव्य रूप में आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।










