जमशेदपुर —राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग द्वारएमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार के वित्तपोषण से 5 दिवसीय उन्नत उद्यमिता एवं कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन 19 से 23 जनवरी 2026 तक किया गया। कार्यक्रम का विषय “IoT-Driven Healthcare Innovations for MSMEs” रखा गया, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में उभरती आधुनिक तकनीकों पर केंद्रित रहा।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार, उप निदेशक प्रो. (डॉ.) आर. वी. शर्मा, डीन (अनुसंधान एवं परामर्श) प्रो. (डॉ.) सतीश कुमार एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. बासुदेव बेहेरा तथा सह-संयोजक डॉ. नागेन्द्र कुमार एवं डॉ. अजय कुमार रहे।
कार्यक्रम के दौरान IoT, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) पर आधारित स्वास्थ्य नवाचार तकनीकों, स्मार्ट हेल्थकेयर डिवाइसेज़, रिमोट हेल्थ मॉनिटरिंग, डेटा-ड्रिवन मेडिकल सॉल्यूशंस एवं इनके भविष्यगत औद्योगिक एवं सामाजिक अनुप्रयोगों पर गहन चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि किस प्रकार ये तकनीकें एमएसएमई सेक्टर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, किफायती और प्रभावी बना सकती हैं।
इस 5 दिवसीय कार्यक्रम में आईआईटी खड़गपुर, सीएसआईआर-एनएमएल जमशेदपुर, एक्सएलआरआई जमशेदपुर, एनआईटी रायपुर, एनआईटी जमशेदपुर, वीआईटी वेल्लोर, अर्का जैन यूनिवर्सिटी, ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, एमएएनआईटी भोपाल तथा आईआईटी पटना जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यानों एवं तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम में देशभर से 20 प्रतिभागियों, जिनमें शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी शामिल थे, ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रतिभागियों ने इसे अकादमिक, शोध एवं उद्यमिता के दृष्टिकोण से अत्यंत लाभकारी बताया। विशेषज्ञों के साथ संवाद, केस स्टडी और तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में दिव्यांशु दिनकर राय, दुर्गेश कुमार नंदन, अमन राज एवं शशि कान्त भारती का विशेष योगदान रहा, जिनकी सक्रिय भूमिका से आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के तकनीकी एवं नवाचार आधारित कार्यक्रम स्वास्थ्य क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्म देंगे तथा युवाओं को उद्यमिता और अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे














