चक्रधरपुर (जय कुमार): केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “जल जीवन मिशन” योजना ब्लॉक के भरनिया पंचायत में फेल होती दिख रही है। पंचायत के अलग-अलग गांवों और बस्तियों में नल जल योजना का काम सालों से अधूरा है, जिससे गांववालों में भारी गुस्सा है। रविवार को डुकारी पताडीह में हुई एक पब्लिक मीटिंग में गांववाले एकजुट हुए और इस मुद्दे पर निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया।
सभा को संबोधित करते हुए श्री समद ने कहा कि डुकारी, पताडीह, बांधसाई, गुंजा, सैतोपा, दुड़ियम और डांगोडीह जैसे इलाकों में हालात बहुत खराब हैं। कई जगहों पर पाइपलाइन बिछाकर छोड़ दी गई है, जबकि कई बस्तियों में बोरिंग का काम भी शुरू नहीं हुआ है। हालात ऐसे हैं कि सरकारी फाइलों में योजनाएं चल रही हैं, लेकिन जमीन पर लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। गुस्साए गांववालों का कहना है कि वे सड़क से लेकर ऑफिस तक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
कांग्रेस नेता विजय सिंह समद ने गांववालों को शांत करते हुए कहा कि वे कानून हाथ में लिए बिना अपनी मांगें पूरी करवाना चाहते हैं। अपनी स्ट्रैटेजी बताते हुए उन्होंने बताया कि सबसे पहले सभी गांववालों के साइन किया हुआ एक लिखा हुआ एप्लीकेशन संबंधित डिपार्टमेंट के बड़े अधिकारियों को दिया जाएगा। उसके बाद, अगर डिपार्टमेंट ने जल्द काम शुरू नहीं किया, तो गांववाले सड़कों से लेकर डिपार्टमेंट के ऑफिस तक ज़बरदस्त विरोध करेंगे।
उन्होंने कहा, “जब तक हर घर में पीने का पानी नहीं मिल जाता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।” “हम अब अधिकारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे।” पब्लिक मीटिंग में राजेंद्र समद, मंगल सिंह बोदरा, राम सिंह समद, बृज मोहन महतो, बासुदेव मुखी, नवीन समद, रामजीवन लोहारा, सुखराम लोहारा, हरि चरण समद, बर्गा समद, बर्गा बोदरा, सोमा गुंडुवा, दिलीप समद, जगया बोदरा, रामराय बोदरा और सैकड़ों पुरुष और महिलाएं मौजूद थे।












