जमशेदपुर: सरकार ने इसे किडनैपिंग बताया, US ने आरोपों से इनकार किया काराकास/वॉशिंगटन वेनेज़ुएला और US के बीच तनाव बढ़ गया है। ताज़ा घटनाक्रम में, वेनेज़ुएला सरकार ने दावा किया है कि US वेनेज़ुएला के प्रधानमंत्री को ज़बरदस्ती उनके देश से US ले गया। इस घटना से इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में हलचल मच गई है।वेनेज़ुएला सरकार का आरोपवेनेज़ुएला के सीनियर अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई देश की सॉवरेनिटी पर सीधा हमला है। प्रधानमंत्री को एक स्पेशल ऑपरेशन के तहत देश से बाहर ले जाया गया।
सरकार ने इसे “सरकार द्वारा स्पॉन्सर्ड किडनैपिंग” बताया है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कहा,”यह इंटरनेशनल कानून का सरासर उल्लंघन है और इसे डिप्लोमैटिक और पॉलिटिकल लेवल पर सुलझाया जाएगा।” US की सफ़ाई US ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री को सुरक्षा कारणों या पूछताछ के लिए लाया गया था।
यह कार्रवाई इंटरनेशनल नियमों के अनुसार की गई थी। कोई किडनैपिंग नहीं हुई है। US एडमिनिस्ट्रेशन का दावा है कि वेनेज़ुएला लीडरशिप के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए।
इंटरनेशनल रिएक्शन रूस और चीन ने इस डेवलपमेंट पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। यूनाइटेड नेशंस (UN) ने स्थिति को तुरंत साफ करने की मांग की है। कई देशों ने इसे एक खतरनाक मिसाल बताया है। ग्लोबल संकट बढ़ सकता है। पॉलिटिकल एनालिस्ट का मानना है कि यह मामला डिप्लोमैटिक संकट में बदल सकता है। लैटिन अमेरिका में अस्थिरता बढ़ सकती है।ऑयल मार्केट और ग्लोबल इकॉनमी पर असर पड़ सकता है।












