Road Safety Jharkhand, Chaibasa News: सराईकेला, चाईबासा में पुलिस ने गांधीगिरी अपनाई। हेलमेट न पहनने वालों को गुलाब देकर जागरूक किया। सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा अभियान का दूसरा दिन, ट्राफिक नियम उल्लंघन पर अनोखा तरीका।
झारखंड के चाईबासा में सड़क सुरक्षा अभियान का दूसरा दिन जोरदार रहा। मुफस्सिल थाना प्रभारी विनोद कुमार ने सराईकेला मोड़ पर ट्राफिक नियम तोड़ने वालों को गुलाब का फूल देकर माला पहनाई।
‘सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा’ के तहत ‘सीख से सुरक्षा, तकनीक से परिवर्तन’ थीम पर यह अनोखा प्रयास चला। हेलमेट या सीट बेल्ट न लगाने वालों को सख्ती की बजाय प्यार से समझाया गया।

यह अभियान झारखंड पुलिस का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह से प्रेरित लगता है। सराईकेला-खरसावां जिले में चाईबासा ट्रैफिक हॉटस्पॉट है, जहां रोज सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। विनोद कुमार ने गांधीवादी अंदाज अपनाया – सजा नहीं, प्रोत्साहन दिया। यह तरीका पहले भी देशभर में सफल रहा, जैसे पुणे और दिल्ली में।
झारखंड में 2025 तक 5,000+ सड़क हादसे हुए (झारखंड पुलिस डेटा), ज्यादातर हेलमेट न पहनने से।
थाना प्रभारी विनोद कुमार ने सराईकेला मोड़ पर वाहन चालकों को रोका।
- हेलमेट न पहनने वालों को गुलाब थमाया और बोले, “नियम पालन करो, जिंदगी बचाओ।”
- माला पहनाकर जागरूक किया, ताकि लोग खुद नियम मानें।
- सीट बेल्ट न लगाने वालों को भी यही संदेश दिया।
यह तरीका लंबे समय तक असर दिखाएगा। लोग सख्ती से डरते हैं, लेकिन प्यार से सीखते हैं।
- स्थानीय प्रभाव: चाईबासा-सराईकेला में ट्रैफिक जागरूकता बढ़ेगी, हादसे 20-30% कम हो सकते हैं (पिछले अभियानों से डेटा)।
- राष्ट्रीय प्रासंगिकता: केंद्र सरकार का ‘सड़क सुरक्षा अभियान’ से जुड़ाव, झारखंड मॉडल बन सकता है।
- क्यों जरूरी? एक लापरवाही पूरे परिवार को बर्बाद कर सकती है। थाना प्रभारी का संदेश साफ – किस्मत नहीं, समझदारी से चलें। ड्रिंक एंड ड्राइव पर जीरो टॉलरेंस जरूरी।

प्रशासन की मुख्य अपीलें:
- इंतजार करने वालों की जिंदगी बचाएं, लापरवाही न बरतें।
- नशे में गाड़ी न चलाएं, दोस्त को चाबी न सौंपें।
- “गाड़ी तेरा भाई चलाएगा” जैसे जुमलों से बचें।
चाईबासा का यह गांधीगिरी वाला अभियान सड़क सुरक्षा में नया आयाम जोड़ता है। आगे ऐसे प्रयास बढ़ें तो झारखंड के हादसे कम होंगे। जागरूकता से जीवन रक्षा संभव है – आज से नियम मानें!












