- झारखंड में नए साल का जश्न: शराब की रिकॉर्ड बिक्री से ₹70 करोड़ का कारोबार
रांची। नए साल 2026 की शुरुआत झारखंड में जश्न के साथ-साथ शराब की रिकॉर्ड बिक्री के रूप में दर्ज हुई। 31 दिसंबर 2025 की रात से 1 जनवरी 2026 की सुबह तक राज्यभर में वाइन, बीयर और विभिन्न प्रकार की शराब की बिक्री से लगभग ₹70 करोड़ का टर्नओवर हुआ। एक्साइज विभाग के अनुसार यह अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा माना जा रहा है।
राजधानी रांची सबसे आगे
राज्य के एक्साइज विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, रांची में सबसे अधिक शराब की बिक्री दर्ज की गई। इसके बाद जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और हजारीबाग का स्थान रहा। बड़े शहरों के साथ-साथ कस्बाई इलाकों में भी शराब की मांग में जबरदस्त उछाल देखा गया।
किन शराबों की रही सबसे ज्यादा मांग
नए साल के जश्न के दौरान लोगों ने अपनी पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी की।
- युवाओं में बीयर और वाइन की सबसे अधिक मांग रही।
- वहीं, पार्टी और होटल सेक्टर में प्रीमियम व्हिस्की और रम की बिक्री तेज रही।
एक्साइज अधिकारियों के अनुसार, इस बार प्रीमियम ब्रांड्स की बिक्री में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
एक ही दिन में करोड़ों का कारोबार
आंकड़ों के मुताबिक:
- 31 दिसंबर की रात अकेले लगभग ₹55 करोड़ की शराब बिकी।
- 1 जनवरी की सुबह से दोपहर तक करीब ₹15 करोड़ का अतिरिक्त कारोबार हुआ।
यह दर्शाता है कि नए साल के पहले 24 घंटे झारखंड के एक्साइज सेक्टर के लिए बेहद फायदेमंद रहे।
सरकार को हुआ बड़ा राजस्व लाभ
इस भारी बिक्री से झारखंड सरकार को एक्साइज ड्यूटी के रूप में करोड़ों रुपये का राजस्व मिला है। अधिकारियों का कहना है कि इस राशि का उपयोग राज्य के विकास परियोजनाओं, सड़क, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों में किया जाएगा।
कड़े सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजाम
नए साल को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की थी।
- शराब दुकानों पर सख्त निगरानी
- पुलिस द्वारा विशेष चेकिंग अभियान
- शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई
कई जिलों में चालान काटे गए और कुछ वाहनों को सीज भी किया गया।
अधिकारियों का बयान
एक्साइज विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
“हर साल नए साल पर शराब की बिक्री बढ़ती है, लेकिन इस बार आंकड़े रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। सभी बिक्री अधिकृत दुकानों से हुई है।”
सामाजिक संगठनों की चिंता
हालांकि, कुछ सामाजिक संगठनों ने शराब की बढ़ती बिक्री पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव, सड़क हादसे और सामाजिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने सरकार से शराब नीति को और सख्त करने की मांग की है।
विश्लेषण
झारखंड में नए साल पर शराब की रिकॉर्ड बिक्री एक ओर जहां सरकार के लिए बड़ा राजस्व स्रोत बनी है, वहीं दूसरी ओर यह सामाजिक और स्वास्थ्य से जुड़े सवाल भी खड़े करती है। आर्थिक दृष्टि से यह राज्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन दीर्घकाल में इसके दुष्प्रभावों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जरूरत है कि सरकार राजस्व और सामाजिक संतुलन दोनों को ध्यान में रखते हुए नीति बनाए, ताकि जश्न सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से मनाया जा सके।












