चाईबासा (जय कुमार): पश्चिमी सिंहभूम जिले में बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशील पुलिसिंग को सशक्त बनाने के उद्देश्य से विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला जिला समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कांफ्रेंस हॉल में “बाल-संवेदनशील पुलिसिंग: बाल मनोविज्ञान और संचार” विषय पर संपन्न हुई।
कार्यक्रम का आयोजन पश्चिम सिंहभूम पुलिस विभाग द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से किया गया, जबकि सेंटर फॉर चाइल्ड राइट्स (CCR), नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों से आए कुल 26 बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों (CWPO) ने भाग लिया।
इस अवसर पर पश्चिम सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक श्री अमित रेनू ने सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को “बाल मित्र थाना” के निर्माण एवं संचालन के निर्देश दिए और तीन दिनों के भीतर प्रगति रिपोर्ट साझा करने को कहा। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ, CCR एवं NUSRL के सहयोग से सात चरणों में बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों का संवेदनशीलता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसमें यह दूसरा चरण है।
कार्यक्रम की शुरुआत CCR, NUSRL के श्री अनिरुद्ध सरकार के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद श्री नरेंद्र शर्मा ने पूर्व प्रशिक्षणों के अनुभव साझा करते हुए कार्यशाला की पृष्ठभूमि तैयार की। रांची से आए विशेषज्ञ डॉ. राजीव कुमार ने बाल मनोविज्ञान पर विस्तृत जानकारी दी, जिसमें बच्चों के विकास चरण, व्यवहारिक पैटर्न और विधि से संघर्षरत बच्चों (CICL) की भावनात्मक आवश्यकताओं पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने भूमिका-निर्वाह, केस स्टडी और अभ्यास के माध्यम से प्रतिभागियों को किशोर मामलों से निपटने का प्रशिक्षण भी दिया।
मुख्य सत्रों में बाल विवाह, लैंगिक शोषण और विधि से संघर्षरत बच्चों (CCL) से जुड़े मामलों पर केस स्टडी आधारित अभ्यास कराया गया। साथ ही प्रतिभागियों की क्षमता आकलन एवं आगामी रणनीतियों पर समूह चर्चा भी की गई। श्री अनिरुद्ध सरकार ने पालक देखभाल एवं देखभाल उपरांत योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के सदस्य मोहम्मद शमीम और पीसीआई इंडिया के सलाहकार श्री हिमांशु जेना भी उपस्थित रहे और उन्होंने बाल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपने विचार रखे। अंत में एसजेपीयू नोडल अधिकारी, चाईबासा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ सशक्तिकरण कार्यक्रम के दूसरे चरण का समापन किया गया।













