विभिन्न मांगों को लेकर सरिया अनुमंडल में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का एकदिवसीय शांतिपूर्ण धरना
सरिया/गिरिडीह : सरिया अनुमंडल में आज दिनांक 15 दिसंबर 2025 (सोमवार) को त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा एकदिवसीय शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया गया। इस धरना प्रदर्शन में राज्य में व्याप्त अनियमितताओं और खराब प्रशासनिक व्यवस्था के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई। धरने में प्रखंड के सभी मुखिया, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजसेवी शामिल हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में आंदोलन का माहौल बना रहा।
धरना देने वाले पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाएं खराब सिस्टम और भुगतान में देरी के कारण अपने उद्देश्य से भटक गई हैं। धरने का मुख्य कारण “मैया सम्मान योजना” की लंबित राशि को लेकर रहा। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इस योजना की राशि का अविलंब भुगतान नहीं किया जाता है, तो इसे पूरी तरह बंद कर दिया जाए, ताकि आम जनता को भ्रम और परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके साथ ही धरनार्थियों ने वृद्धा पेंशन योजना के तहत लंबित भुगतान को जल्द शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वृद्ध और असहाय लोगों के लिए पेंशन ही जीवनयापन का एकमात्र सहारा है, लेकिन लंबे समय से भुगतान रुके होने के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
धरना स्थल पर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों की छात्रवृत्ति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि छात्रवृत्ति का समय पर भुगतान न होने से गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जिससे उनका भविष्य अंधकार में जा रहा है।
इस आंदोलन को पूर्व विधायक श्री विनोद कुमार सिंह का भी पूर्ण समर्थन मिला। धरना स्थल पर संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अबुआ आवास योजना की राशि का भुगतान लंबे समय से लंबित है, जिसके कारण सैकड़ों गरीब परिवारों का पक्के मकान का सपना अधूरा पड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना भी खराब सिस्टम और लापरवाही के कारण अपने उद्देश्य से भटक रही है और लाभार्थी दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
पूर्व विधायक ने सरकार से मांग की कि वह इन सभी योजनाओं की खामियों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए और लंबित भुगतानों को शीघ्र जारी करे, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
इस एकदिवसीय धरना में प्रखंड के सभी मुखिया, पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ हजारों समाजसेवी और आम नागरिक मौजूद रहे। धरना शांतिपूर्ण रहा, लेकिन प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगे आंदोलन को और तेज किया जाएगा।














