जमशेदपुर, 15 दिसंबर 2025: Tata Steel एडवेंचर फाउंडेशन (टीएसएएफ) ने रविवार, 14 दिसंबर 2025 को डिमना लेक की खूबसूरत वादियों में अपनी पहली ओपन वाटर स्विमिंग प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह आयोजन पूर्वी भारत के खेल परिदृश्य के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। इस अग्रणी पहल का उद्देश्य ओपन वाटर स्विमिंग को लोकप्रिय बनाना और जमशेदपुर को इस खेल के भविष्य के केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
भारत भर में ओपन वाटर स्विमिंग गति पकड़ रही है, और टीएसएएफ की इस पहल ने विविध पृष्ठभूमि के तैराकों को अपनी सहनशक्ति और कौशल का प्रदर्शन करने के लिए एक रोमांचक मंच प्रदान किया। इस आयोजन को अत्यधिक उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली, जिसमें 12 राज्यों के 93 प्रतिभागियों ने कई श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा की।
इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में देबाशीष चौधरी (प्रिंसिपल एक्जीक्यूटिव ऑफिसर) उपस्थित रहे। फ्लैग-ऑफ कैप्टन मनीष सिन्हा (हेड स्पोर्ट्स) और हेमंत गुप्ता (हेड टीएसएएफ और स्पोर्ट्स एकेडमीज) द्वारा किया गया। पुरस्कार समारोह की अध्यक्षता मुकुल विनायक चौधरी (चीफ स्पोर्ट्स) और देबाशीष चौधरी ने संयुक्त रूप से किया।
🏆 प्रतियोगिता श्रेणियाँ और विजेता (तालिका)
| क्रम संख्या | श्रेणी | पुरुष (विजेता / समय) | पुरुष (उपविजेता / समय) | पुरुष (द्वितीय उपविजेता / समय) | महिला (विजेता / समय) | महिला (उपविजेता / समय) | महिला (द्वितीय उपविजेता / समय) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 500 मीटर | शौर्य शुक्ला (00:12:00) | हार्दिक बंसल (00:12:37) | हिमांक (00:12:39) | स्नेहा मजूमदार (00:12:37) | — | — |
| 2 | 1 किलोमीटर | मो रैयान असद (00:16:39) | हर्षिल दक्ष (00:16:42) | मायुख मंडल (00:18:45) | रिच साहू (00:20:52) | सुप्रिया भारती तिवारी (00:39:50) | प्रियंका रानी (00:46:47) |
| 3 | 2.5 किलोमीटर | दीपांशु सिंह (00:50:12) | आदित्य सिंह (00:50:40) | वागीश कुमार (00:52:31) | रितिशा दास (01:02:30) | पिंकी कुमारी (01:37:20) | सोनल मिश्रा (01:38:45) |
| 4 | 5 किलोमीटर | पर्व रावल (01:32:08) | शाश्वत शर्मा (01:41:43) | दिग्विजय चौहान (01:56:35) | जी श्रुति (02:02:33) | रेखा गुप्ता (03:17:46) | अदिति सिंह (03:40:30) |
सुरक्षा सर्वोपरि: प्रतिभागियों की सुरक्षा टीएसएएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता रही। कार्यक्रम के दौरान पूरे कोर्स पर प्रशिक्षित लाइफगार्ड, रेस्क्यू राफ्ट, कायक, मोटरबोट, स्कूबा डाइवर, आपातकालीन प्रतिक्रिया दल और मौके पर तैनात एम्बुलेंस की कड़ी निगरानी रही। इसके अलावा, सभी तैराकों के लिए बेहतर विजिबिलिटी और सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु टो फ्लोट बॉय पहनना अनिवार्य किया गया था।














