- 108 एम्बुलेंस में ऑक्सीजन न रहने से मरीज की मौत, परिजनों का रोकर बुरा हाल
- अस्पताल में नही रहता है ऑक्सीजन
- बीते सप्ताह भी ऑक्सीजन की कमी के कारण एक महिला की हुई थी मौत
बिरनी/गिरिडीह/संवाददाता । बिरनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों सुर्खियों में है । ऐसा इसलिए क्योंकि इस अस्पताल और अस्पताल कर्मियों पर आए दिनों कई आरोप उजागर हो रहे हैं। बीते माह इसी अस्पताल की एक फार्माशिस्ट फरहाना खान पर भी लगातार यह आरोप लग रहा था कि फार्माशिस्ट के द्वारा अस्पताल आने वाले मरीजों से दवा देने और टांका काटने के लिए रुपए वसूली की जाती है। वहीं दूसरी घटना इसी अस्पताल में ये भी देखा गया कि अस्पताल में ऑक्सीजन उपलब्ध नही रहता है।
जब किसी मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है तो उन्हें ऑक्सीजन लगाने के नाम पर खाली पड़े ऑक्सीजन की टँकी लगा दिया जाता है जिससे मरीज की मौत हो जाती है। ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत बिरनी के पलौंजिया गाँव के रक मरीज के साथ हुई थी ।जहाँ बीते सप्ताह एक महिला 60 वर्षीय पूनम देवी की ऑक्सीजन न मिलने से मौत हो गई थी। मृतक के पुत्र बुल्लू (कमलकांत) सिन्हा ने बताया कि अस्पताल में 6 ऑक्सीजन टँकी तो था परन्तु सभी खाली। एक-एक कर सारे ऑक्सीजन टँकी को लगाया गया लेकिन ऑक्सीजन टँकी खाली पड़ा था जिससे समय पर ऑक्सेर्जन न मिलने से मौत हो गई।
वहीं दूसरा मामला गुरुवार सुबह को भी देखा गया जिसमें एक पुरुष की ऑक्सीजन की कमी होने से मौत हो गई। बता दें कि पेशम निवासी मृतक मनोज सिंह को अचानक सांस लेने में दिक्कत होने लगी। तभी 108 एम्बुलेंस बुलाया गया जिसमें ऑक्सीजन नही होने के कारण उनकी मौत हो गई। यह हम नही कह रहे हैं मृतक के परिजन कह रहे हैं। मृतक के परिजन उमा देवी, काजल देवी ने बताया कि मृतक मनोज सिंह को दो दिन पूर्व बवासीर का इलाज करवाकर धनबाद से लाए थे। आज सुबह अचानक सांस लेने में दिक्कत होने लगी तो 108 एम्बुलेंस को फोन कर बुलाया और मृतक खुद एम्बुलेंस पर चलकर बैठे जिसके बाद 108 एम्बुलेंस कर्मी ने ऑक्सीजन लगाया लेकिन खाली टँकी खाली था।
हालांकि एम्बुलेंस से उन्हें अस्पताल लाया गया जहाँ रास्ते में ही मौत हो गई। इधर सीएचओ ने अमन तापे ने उपचार किया और कहा इसकी ईसीजी जाँच होगी । जब मामला बढ़ गया और परिजन हो हंगामा करने लगे तो उन्होंने कहा इनकी मौत हो चुकी है। वहीं एम्बुलेंस चसलक राजू विश्वकर्मा ने कहा एम्बुलेंस में ऑक्सीजन था यह आरोप निराधार है। हालांकि इस तरह की लगातार हो रही घटना से चर्चा का विषय बना हुआ है। अब क्या है सही मामला यह जांच का विषय है।
क्या कहते हैं चिकित्सा प्रभारी- डॉ साकिब जमाल को फोन लगाया तो उन्होंने फोन का जवाब नही दिया।
क्या कहते हैं सीएस- डॉ शेख मो0 जफरुल्ला ने कहा मामले की जानकारी नही थी प्रभारी से जानकारी ली जाएगी। उन्होंने चिकित्सा प्रभारी साकिब जमाल को कॉन्फ्रेंस लिया तो उन्होंने कहा इस तरह की घटना नही हुई है। यदि मौत हुई है तो दूसरे कारण से हुई होगी।









