- मुसाबनी के चौलागोड़ा (परुलिया) में स्वास्थ्य जाँच शिविर व वस्त्र–कंबल वितरण
चौलागोड़ा/मुसाबनी : भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन, पूर्वी सिंहभूम की ओर से आज मुसाबनी क्षेत्र के चौलागोड़ा (परुलिया) में स्वास्थ्य जाँच शिविर एवं वस्त्र–कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ठंड के मौसम को देखते हुए इस पहल ने ग्रामीणों को बड़ी राहत दी।
नेटवर्क सुविधा पूरी तरह ठप
कार्यक्रम के दौरान संगठन द्वारा किए गए मैदान निरीक्षण में पाया गया कि क्षेत्र में किसी भी मोबाइल कंपनी का नेटवर्क — चाहे BSNL, Jio या Airtel — सुचारू रूप से उपलब्ध नहीं है। संचार व्यवस्था ठप रहने से ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों और आपातकालीन परिस्थितियों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

शिक्षा व्यवस्था भी चिंताजनक
संगठन के सदस्यों ने विद्यालयों और बच्चों की शैक्षिक स्थिति पर भी चिंता जताई। ग्रामीणों से जानकारी मिली कि यहाँ शिक्षा के क्षेत्र में अपेक्षित सुविधाएँ, संसाधन और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
कई बच्चे चर्म रोग से पीड़ित
ग्रामीणों से बातचीत में सामने आया कि इस क्षेत्र के कई बच्चे चर्म रोग (Skin Disease) का शिकार हैं। स्वास्थ्य सुविधाएँ दूर होने और समय पर उपचार न मिलने से बच्चे लंबे समय से परेशानी झेल रहे हैं। स्वास्थ्य शिविर में डॉक्टरों और मेडिकल टीम द्वारा बच्चों और ग्रामीणों की जाँच की गई तथा आवश्यक दवाइयाँ वितरित की गईं।
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कार्यक्रम में उपस्थित संगठन प्रतिनिधि
- जिला अध्यक्ष — श्री एस. एन. पाल
- महासचिव — वेद प्रकाश
- वाई दुर्गा राव, बीरेंद्र कुमार, रूपा खंडवाला, अशोक खंडेलवाल, जूली कुमारी, महावीर प्रसाद, अनिल यादव, अमर लाल, जावेद अशरफ़, अविनाश, धीरज झा एवं अन्य पदाधिकारी
उपस्थित स्थानीय जनप्रतिनिधि
- परुलिया पंचायत मुखिया — नंदी गागराई
- पंचायत समिति सदस्य — हरीशरण महाकुर
स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम
- डॉ. ज्योति कुमारी (RBSK डॉक्टर – CHC मुसाबनी)
- CHO – मनीषा बास्की
- ANM – गीता रानी हेम्ब्रम
- फार्मासिस्ट – मीना हेम्ब्रम
- Mansi+ प्रोजेक्ट – किरण बेसरा
संगठन की अपील
कार्यक्रम के अंत में भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने प्रशासन से अनुरोध किया कि —
- क्षेत्र में तत्काल मोबाइल नेटवर्क सेवा बहाल की जाए
- शिक्षा व्यवस्था और विद्यालय सुविधाओं को मजबूत किया जाए
- बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और इलाज के लिए नियमित मेडिकल कैंप की व्यवस्था की जाए








