— हर नागरिक को संविधान के प्रति जागरूक करने की मुहिम तेज
जमशेदपुर, 26 नवंबर: देशभर में संविधान दिवस के मौके पर आज जमशेदपुर की जानी-मानी सामाजिक संस्था ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट ने ज़ाकिरनगर रोड नंबर 20 स्थित ट्रस्ट कार्यालय में भारत का 76वां संविधान दिवस गरिमा और पूर्ण सम्मान के साथ मनाया। कार्यक्रम में आज़ादनगर थाना प्रभारी चंदन कुमार मुख्य अतिथि और सुश्रिता रॉय तथा रिज़वान अहमद विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
संविधान और बाबा साहब को नमन के साथ शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भीमराव अंबेडकर और भारतीय संविधान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की गई। इसके बाद मुख्य अतिथि चंदन कुमार ने उपस्थित सभी लोगों को संविधान की प्रस्तावना पढ़कर सुनाई और संविधान की शपथ दिलाई।
उन्होंने कहा कि “संविधान सिर्फ एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि देश के नागरिकों को समान अधिकार, सुरक्षा, न्याय और सम्मान दिलाने वाला मूल आधार है।”
लोकतांत्रिक मूल्य और नागरिक कर्तव्यों पर विशेष जोर
विशेष अतिथि सुश्रिता रॉय ने अपने संबोधन में लोकतंत्र की मजबूती में नागरिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा—
“संविधान सिर्फ अधिकार नहीं देता, बल्कि कर्तव्य निभाने की प्रेरणा भी देता है। हम बराबरी, आज़ादी, न्याय और भाईचारे के भारतीय सिद्धांतों को व्यवहार में उतारकर ही राष्ट्र को मजबूत बना सकते हैं।”
उनके वक्तव्य ने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं, महिलाओं, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया।
वकीलों ने लिया संकल्प — जन-जन तक पहुंचे संविधान
इस अवसर पर मौजूद अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से भारतीय संविधान के प्रति अपनी आस्था और निष्ठा व्यक्त की, तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक संविधान और नागरिक अधिकारों के महत्व को पहुंचाने का संकल्प लिया।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। उपस्थित प्रमुख नाम —
सैयद आसिफ अख्तर, मतिनुल हक अंसारी, मुख्तार आलम खान, हाजी अयूब अली, फिरोज असलम, शाहिद परवेज, नादिर खान, ताहिर हुसैन, साजिद परवेज, मोहम्मद फिरोज आलम, सोहेल अख्तर अंसारी, मीनू खान, फसी अख्तर, मास्टर खुर्शीद अहमद खान, मास्टर आफताब आलम, सिद्दीक अली, साथ ही आज़ादनगर थाना शांति समिति के सदस्य मोहम्मद मोइनुद्दीन अंसारी और ट्रस्ट के सभी कार्यकर्ता।
कार्यक्रम का उद्देश्य
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य
✔ संविधान के प्रति नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना
✔ अधिकारों और कर्तव्यों दोनों के पालन पर जोर देना
✔ समाज में लोकतांत्रिक और मानवीय मूल्यों की मजबूती
बताया गया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने भविष्य में भी संविधान आधारित जागरूकता, शिक्षा और राष्ट्रीय मूल्यों के कार्यक्रम पूरे वर्ष चलाने की घोषणा की।













