जमशेदपुर, 17 नवंबर 2025। पूर्वी सिंहभूम जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन, पूर्वी सिंहभूम जिला इकाई ने सोमवार सुबह सिद्धू–कानू विद्यालय, रिपीट कॉलोनी, मानगो में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। सुबह 8 बजे आरंभ हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र–छात्राओं ने भाग लिया और सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
बच्चों को दी गई व्यवहारिक जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और पदाधिकारियों ने सड़क पर सही तरीके से पैदल चलने, ज़ेब्रा क्रॉसिंग के उपयोग, हेलमेट–सीट बेल्ट के महत्व और वाहन संचालन के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। बच्चों को यह भी सिखाया गया कि दुर्घटना के समय घबराएँ नहीं, स्थिति को समझकर सहायता पहुँचाएँ और समय पर पुलिस व एम्बुलेंस को सूचना दें।
इस दौरान भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा जारी सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण आँकड़े भी साझा किए गए, ताकि बच्चे यह समझ सकें कि छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे में बदल सकती है।
महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी
कार्यक्रम में निम्न आपातकालीन नंबरों की जानकारी विशेष रूप से दी गई:
- राष्ट्रीय राजमार्ग एम्बुलेंस सेवा: 1033
- राज्य एम्बुलेंस सेवा: 108 / 102
- पुलिस सहायता: 100
छात्रों को बताया गया कि आपातकालीन स्थिति में सही नंबर पर समय रहते सूचना देना, किसी की जान बचा सकता है।
मुख्य सड़क सुरक्षा निर्देशों पर ज़ोर
कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण निर्देश भी साझा किए गए, जिनमें शामिल थे:
- वाहन चालक तथा पीछे बैठने वाले दोनों के लिए हेलमेट अनिवार्य।
- कार में सभी यात्रियों द्वारा सीट बेल्ट का उपयोग।
- तेज़ गति, नशे में ड्राइविंग, मोबाइल फोन का इस्तेमाल और लापरवाही को दुर्घटनाओं के मुख्य कारण बताया गया।
- सड़क संकेतों और ट्रैफिक सिग्नलों का पालन अनिवार्य रूप से करने पर बल दिया गया।
- दुर्घटना स्थल पर वीडियो बनाने या भीड़ जुटाने से बचने और सहायता करने की अपील की गई।
प्रशासन से की गई महत्वपूर्ण माँगें
एसोसिएशन ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से यातायात व्यवस्था को मजबूत करने की मांग भी की। माँगों में प्रमुख रूप से शामिल थे—
- शहरभर में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाना और नियम उल्लंघन पर ई-चालान जारी करना।
- नो–पार्किंग स्थानों पर खड़ी वाहनों पर कड़ी कार्रवाई।
- उल्टी दिशा में वाहन चलाने वालों पर सख्त जुर्माना।
- सड़क किनारे लगने वाले ठेले और दुकानों को हटाकर जाम की समस्या को कम करना।
- भारी वाहनों के आवागमन के समय में बदलाव।
- शहर के बीच स्थित बस स्टैंड से अनियमित सवारी उठाने की प्रक्रिया को रोकना।
- तीन पहिया वाहनों (ऑटो/ई–रिक्शा) पर विशेष निगरानी।
- बिना परमिट या अधूरे कागजात वाले वाहनों पर कार्रवाई कर राजस्व को बढ़ाना।
एसोसिएशन ने कहा कि यदि ये उपाय दृढ़ता से लागू किए जाएँ, तो जिले में सड़क दुर्घटनाओं और जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
कार्यक्रम में शामिल रहे अधिकारी और छात्र
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष एस. एन. पाल ने की। विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण और 350 से अधिक छात्र–छात्राओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया। इस अवसर पर जिला महासचिव वेद प्रकाश, धीरज कुमार झा, वाई दुर्गा राव, रूपम राय, अविनाश, सुखविंदर, अशोक खंडेलवाल, रूपा खंडेलवाल, अनिल यादव, महावीर प्रसाद सहित एसोसिएशन के कई पदाधिकारी मौजूद थे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य “सड़क सुरक्षा – जीवन सुरक्षा” को व्यवहार में उतारना और कम उम्र से ही बच्चों को यातायात नियमों के प्रति सजग बनाना था। एसोसिएशन का कहना है कि यदि समाज और सरकारी तंत्र दोनों सहयोग करें, तो सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना संभव है और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।













