- उपराज्यपाल ने उच्चस्तरीय जाँच के आदेश दिए, पाकिस्तान लिंक से J&K पुलिस का साफ इनकार
श्रीनगर ब्लास्ट : जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में शुक्रवार देर रात (14 नवंबर 2025) नौगाम पुलिस स्टेशन के भीतर हुआ शक्तिशाली विस्फोट पूरे घाटी को दहला गया। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 32 से अधिक लोग घायल हुए। शनिवार को J&K पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि यह विस्फोट पूरी तरह “दुर्घटनावश” हुआ है और किसी भी पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठन, विशेषकर जैश-ए-मोहम्मद के PAFF, की संलिप्तता के दावे “बिना आधार” हैं।
कैसे हुआ विस्फोट?
J&K पुलिस के अनुसार विस्फोट उस समय हुआ, जब पुलिस अधिकारी और FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम हरियाणा के फरीदाबाद से बरामद किए गए विस्फोटक सामग्री का नमूना निकाल रहे थे। यह सामग्री हाल ही में पकड़े गए इंटर-स्टेट ‘व्हाइट-कॉलर’ टेरर मॉड्यूल से जुड़ी बताई जा रही थी।
A massive explosion was caught on CCTV near Nowgam, Srinagar, on Friday. Fire brigade, ambulances, and senior police rushed to the site.
Further details are awaited. pic.twitter.com/LWPpHm8HKk
— IndiaWarMonitor (@IndiaWarMonitor) November 14, 2025
DGP नलिन प्रभात ने बताया—
“बरामद की गई सामग्री अत्यंत संवेदनशील और अस्थिर थी। पूरी सावधानी के बावजूद नमूना लेते समय देर रात दुर्घटनावश विस्फोट हो गया।”
विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पुलिस स्टेशन को भारी नुकसान पहुंचा और आसपास की कई इमारतें भी प्रभावित हुईं।
आतंकवादी लिंक का दावा निराधार: J&K पुलिस
सोशल मीडिया और कुछ चैनलों पर फैली उन खबरों पर भी पुलिस ने विराम लगा दिया, जिनमें किसी आतंकी संगठन की भूमिका के दावे किए जा रहे थे।
DGP प्रभात ने सख्ती से कहा— “यह एक दुर्घटना है। अन्य किसी प्रकार का अनुमान पूरी तरह अनावश्यक है।”
गृह मंत्रालय का बयान
केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रशांत लोखंडे ने भी कहा कि विस्फोट का सटीक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
उन्होंने बताया कि विस्फोटक सामग्री को SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के तहत फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा था और पिछले दो दिनों से इसका परिवहन जारी था।
दिल्ली–फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़ाव
पिछले सप्ताह दिल्ली के लाल किला के पास हुई i20 कार विस्फोट में 10 लोगों की मौत हुई थी।
जांच में सामने आया कि कार चला रहा डॉक्टर उमर-उन-नबी (पुलवामा) उसी मॉड्यूल से जुड़ा था जिसके फरीदाबाद छापों में 2,900 किलो अमोनियम नाइट्रेट और बम बनाने की सामग्री बरामद हुई थी।
नौगाम विस्फोट के दौरान जो नमूने निकाले जा रहे थे, वे भी इसी मॉड्यूल से जुड़े थे।
मौके पर सुरक्षा बढ़ाई गई
- नौगाम पुलिस स्टेशन के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
- DGP नलिन प्रभात और CRPF IG पवन कुमार शर्मा ने शनिवार सुबह स्थल का निरीक्षण किया।
- प्राथमिक जांच और तकनीकी विश्लेषण तेज़ी से जारी है।
जान गंवाने वालों में कौन-कौन शामिल?
DGP ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले 9 लोगों में—
- 1 SIA कर्मी
- 3 FSL टीम सदस्य
- 2 क्राइम सीन फ़ोटोग्राफर
- 2 राजस्व विभाग के अधिकारी (मैजिस्ट्रेट टीम के सदस्य)
- 1 दर्जी, जो टीम के साथ तकनीकी सहायता में मौजूद था
शामिल हैं।
विस्फोट कब हुआ?
विस्फोट शुक्रवार रात 11:20 बजे नमूना प्रक्रिया के दौरान हुआ। विशेषज्ञों ने इसे “अत्यधिक अस्थिर विस्फोटक” का परिणाम बताया है।
घटनाक्रम पर LIVE अपडेट — प्रमुख बातें
- विस्फोट को पुलिस ने “दुर्घटनावश” करार दिया
- किसी आतंकी संगठन की संलिप्तता नहीं
- पुलिस स्टेशन और आसपास की इमारतों को नुकसान
- 32 से अधिक घायल, इलाज जारी
- उच्चस्तरीय जांच के आदेश
- फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल कनेक्शन की पुष्टि
- दिल्ली कार ब्लास्ट की कड़ी भी जुड़ी







