जमशेदपुर । पवित्र देव दीपावली के शुभ अवसर पर शहर का प्रसिद्ध श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर (बिड़ला मंदिर) अद्भुत रोशनी से जगमगा उठा। इस अवसर पर पूरे मंदिर परिसर में 11,000 दीपों का प्रज्ज्वलन किया गया, जिससे वातावरण भक्ति और आलोक से ओतप्रोत हो उठा। मंदिर के चारों ओर जलते दीपकों की श्रृंखला ने ऐसा दृश्य उपस्थित किया, जिसे देखने वालों की आँखें ठहर गईं।
मंदिर प्रांगण में आयोजित इस दीपोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। मौके पर अशोक गोयल, साकेत गौतम, असीम पाठक, शंकर जी, संतोष पूरी, अमित कुमार, अजय तिवारी, राकेश ओझा एवं अन्य श्रद्धालु शामिल रहे। सभी ने एक साथ दीप जलाकर भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी से सुख-समृद्धि की कामना की।

देव दीपावली का धार्मिक महत्व
देव दीपावली का पर्व कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन देवताओं ने त्रिपुरासुर के वध के उपलक्ष्य में स्वर्ग से धरती पर उतरकर दीप जलाए थे। वाराणसी में यह पर्व सबसे भव्य रूप में मनाया जाता है, परंतु अब देशभर के मंदिरों में भी इसकी परंपरा तेजी से बढ़ रही है। इसे “देवों की दिवाली” भी कहा जाता है।
इस दिन श्रद्धालु गंगा स्नान, दीपदान, और भगवान विष्णु-शिव की आराधना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि देव दीपावली पर दीपदान करने से जीवन में पापों का नाश होता है और सुख-शांति की प्राप्ति होती है।
भावनात्मक और आध्यात्मिक संदेश
श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में दीपों की यह ज्योति केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं थी, बल्कि यह संदेश दे रही थी कि अंधकार कितना भी गहरा क्यों न हो, एक दीपक की लौ उससे लड़ने में सक्षम है। भक्तों ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ एकता, प्रेम और धर्म की ज्योति फैलाने का संकल्प भी लिया।
देव दीपावली के इस दिव्य अवसर पर बिड़ला मंदिर का दृश्य किसी स्वर्गिक सौंदर्य से कम नहीं था। दीपों की रोशनी में नहाए इस पवित्र स्थल ने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति, आनंद और आशा की ज्योति प्रज्वलित कर दी।













