- बहादुर बच्चों की जीवन गाथाएँ बताने के लिए उनकी एक प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
- गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए कपड़े, भोजन आदि बेचने वाले स्टॉल लगाए जाएँगे।
- दिव्यांग बच्चों के लिए खेल सुविधाएँ और एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।
जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के कार्यालय में सोमवार को 14 से 20 नवंबर तक आयोजित होने वाले बाल मेला 2025 के सफल आयोजन पर चर्चा के लिए एक बैठक हुई। विधायक सरयू राय ने बैठक की अध्यक्षता की। यह चौथा बाल मेला है। बैठक के दौरान, राय ने बाल मेले के आयोजन के संबंध में कई महत्वपूर्ण सुझाव और निर्देश दिए।
बाल मेला समन्वयक सुधीर सिंह ने बताया कि मेला बोधि मैदान, गरम नाला में आयोजित किया जाएगा। मेले के सफल संचालन के लिए शहर के प्रतिष्ठित लोगों की एक मार्गदर्शक समिति बनाई जाएगी। क्रीड़ा भारती नामक स्वयंसेवी संस्था भी इस मेले की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान देगी। सरयू राय के निर्देशन में परिसर प्रबंधन समिति, स्वागत समिति और कार्यकारिणी समिति का गठन जल्द ही किया जाएगा।
सुधीर सिंह ने बताया कि बाल मेले में शहर के सभी स्कूलों के बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। प्रत्येक स्कूल के प्रधानाचार्यों/प्रधानाध्यापकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उन्हें बाल मेले के बारे में जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि बच्चों के समग्र विकास के लिए बाल कल्याण विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मेले में जादू और हस्तकला के शो भी आयोजित किए जाएँगे। उन्होंने बताया कि बाल मेले में भाग लेने के इच्छुक बच्चों के लिए एक गूगल फॉर्म बनाया गया है। बच्चे अपने स्कूल से फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। पंजीकरण ऑफलाइन भी उपलब्ध होगा। मेला मेला परिसर में ही आयोजित किया जाएगा।
मेला संयोजक ने बताया कि शहर के सभी खेल शिक्षक भी मेले में भाग लेंगे। उनसे संपर्क किया जा रहा है। मेले में साहसी बच्चों की एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी ताकि नई पीढ़ी उनसे सीख ले और प्रेरित हो सके। देश-विदेश के महापुरुषों द्वारा बच्चों के बारे में कही गई महत्वपूर्ण बातों को भी मेले में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
सुधीर सिंह ने बताया कि मेले में दिव्यांग बच्चों के लिए खेलकूद की भी व्यवस्था है। इसके अलावा, दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग भी प्रदर्शित की जाएँगी। दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाई गई मोमबत्तियाँ, राखियाँ, घड़ियाँ, चूड़ियाँ आदि की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मेले में कपड़े और खाने-पीने के स्टॉल भी लगाए जाएँगे। केवल उन्हीं खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाए जाएँगे जो बच्चों या बड़ों को खाने में कोई दिक्कत न हो। मेले में छऊ नृत्य का भी आयोजन किया जा रहा है। बैठक में अशोक गोयल, मंजू सिंह, राजीव कुमार, सुखदेव सिंह, सतनाम सिंह, अनूप कुमार, कुंदन कुमार, राजेश सिंह, सुभाष प्रसाद आदि उपस्थित थे।













