पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा | आज पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय, चाईबासा स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त-सह-अध्यक्ष श्री चंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति (DWSM) की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
जल जीवन मिशन योजनाओं की समीक्षा
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जानकारी दी कि पूर्ण व चालू वृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को अब संबंधित ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (VWSC) को हस्तांतरित किया जा चुका है। उन्होंने इन समितियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के सुचारु संचालन और संधारण के लिए लाभुकों से जलकर (Water Tax) संग्रह में तेजी लाएं तथा ग्रामीणों को इसके महत्व के प्रति जागरूक करें।
उपायुक्त ने कहा कि—
“सभी ग्राम समितियां अपने स्तर पर योजना के रखरखाव में सक्रिय भागीदारी निभाएं और जलकर संग्रह को नियमित करें ताकि योजनाएं आत्मनिर्भर बन सकें।”
5 वर्षों के रखरखाव का अनुमान तैयार करने का निर्देश
उपायुक्त चंदन कुमार ने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, चाईबासा के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं के पांच वर्षों के संचालन एवं संधारण के लिए अनुमानित प्राक्कलन (Estimation Report) तैयार करें, जिससे योजनाओं के दीर्घकालिक संचालन में पारदर्शिता और स्थायित्व सुनिश्चित किया जा सके।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) पर जोर
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को अपेक्षित प्रगति लाने का निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छता अभियानों को और अधिक जनसहभागिता के साथ लागू किया जाए।
साथ ही, उन्होंने सभी प्रखंडों में आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्त प्रखंड वॉश समन्वयकों (Block WASH Coordinators) को लक्ष्य के अनुरूप कार्य निष्पादन की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।
मुख्य बिंदु संक्षेप में
- बैठक की अध्यक्षता डीसी चंदन कुमार ने की।
- जल जीवन मिशन की योजनाएं ग्राम समितियों को सौंपी गईं।
- लाभुकों से जलकर संग्रहण में सुधार पर जोर।
- 5 वर्षों का रखरखाव प्राक्कलन तैयार करने का आदेश।
- स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की प्रगति पर सख्त निर्देश।
- वॉश समन्वयकों को लक्ष्यानुरूप कार्य संपादन सुनिश्चित करने का आदेश।
यह बैठक जिला प्रशासन की उन सतत पहल का हिस्सा है जो ग्राम्य जल एवं स्वच्छता प्रणाली को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हैं। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों की भागीदारी आधारित प्रबंधन को बढ़ावा देना एक स्थायी मॉडल की ओर संकेत करता है।
उपायुक्त का जलकर संग्रह और दीर्घकालिक रखरखाव पर जोर इस बात को दर्शाता है कि सरकार अब सिर्फ योजना निर्माण नहीं, बल्कि उनके रखरखाव और स्थायित्व पर भी समान ध्यान दे रही है।
स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों में गति लाने और प्रखंड स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत करने से जिले में स्वच्छता और पेयजल उपलब्धता दोनों क्षेत्रों में ठोस सुधार की उम्मीद की जा सकती है।













