- मानगो में दबंग गैरेज मिस्त्री की दादागिरी: गरीब नाश्ता दुकानदार को धमकाकर ₹1870 का नाश्ता किया हज़म, समाजसेवी विकास सिंह ने दिलाई न्याय!
- ₹1870 का नाश्ता उधार, ऊपर से दुकानदार को दुकान उजाड़ने की धमकी! मानगो NH33 पर गैरेज मिस्त्री अफसर अंसारी की दादागिरी।
- आखिरकार विकास सिंह के पहुंचने पर पिंटू मोदक को बकाया राशि और न्याय मिलने की जगी आस।
मानगो, जमशेदपुर। एनएच-33, स्मार्ट बाजार के समीप एक गरीब नाश्ता विक्रेता को एक गैरेज मिस्त्री द्वारा लंबे समय से धमकाने और बकाया नाश्ते की रकम न चुकाने का मामला सामने आया है। स्थानीय नेता एवं समाजसेवी विकास सिंह के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और पीड़ित दुकानदार को न्याय मिला।
क्या है पूरा मामला?
समता नगर के रहने वाले पिंटू दास मोदक मानगो NH 33 पर नाश्ते का ठेला लगाकर मुश्किल से गुज़ारा करते हैं। पिंटू ने आरोप लगाया है कि उनके बगल में गैरेज चलाने वाला अफसर अंसारी पिछले एक साल से उनके ठेले से लगभग ₹1870 का नाश्ता उधार खा चुका है।
धमकी से टूटा दुकानदार
पिंटू मोदक ने बताया कि जब भी वह अपनी मेहनत की कमाई का पैसा मांगते थे, तो अफसर अंसारी उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने और दुकान उजड़वा देने की धमकी देता था। पिंटू ने रोते हुए यह भी कहा कि “मैंने उनसे कई बार विनती की कि मैं गरीब आदमी हूँ, मेरी जमा पूंजी खत्म हो गई है, आप प्रत्येक माह ₹200 करके ही दे दीजिए, लेकिन उसने एक पैसा नहीं दिया।” इस लगातार आर्थिक शोषण और धमकी से पिंटू मोदक बुरी तरह से टूट गए थे।
वीडियो
विकास सिंह ने लिया संज्ञान
आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित पिंटू मोदक ने आखिर में स्थानीय नेता और समाजसेवी विकास सिंह से संपर्क किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, विकास सिंह तत्काल पिंटू मोदक के दुकान पर पहुंचे।
वहां उन्होंने गैरेज मिस्त्री अफसर अंसारी को सबके सामने कड़ी फटकार लगाई और उसे तत्काल पिंटू मोदक का सारा बकाया चुकाने का निर्देश दिया। समाजसेवी के हस्तक्षेप और सख्ती के बाद, अफसर अंसारी को झुकना पड़ा और उसने जल्द ही पिंटू मोदक को बकाया नाश्ते की राशि भुगतान करने की बात स्वीकार की।
समाजसेवी विकास सिंह ने कहा, “किसी भी छोटे और गरीब दुकानदार को इस तरह से धमकाना और उनकी कमाई पर डाका डालना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून को हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
इस घटना ने एक बार फिर छोटे दुकानदारों के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर किया है और समाजसेवी के हस्तक्षेप से पिंटू मोदक को राहत मिली है।













