चाईबासा (जय कुमार)। थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने के चौंकाने वाले मामले ने पूरे झारखंड को झकझोर कर रख दिया है। इसी गंभीर प्रकरण की जांच के लिए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी गुरुवार को चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचे।
मंत्री ने अधिकारियों से की पूछताछ
अस्पताल पहुंचते ही डॉ. अंसारी ने सिविल सर्जन, प्रभारी चिकित्सक और संबंधित अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह मामला “बेहद संवेदनशील और चिंताजनक” है। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा —
“यदि किसी स्तर पर लापरवाही साबित हुई, तो जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
बनेगी उच्चस्तरीय जांच समिति
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक उच्चस्तरीय जांच टीम गठित की जा रही है, जो यह पता लगाएगी कि एचआईवी संक्रमित खून बच्चों तक कैसे पहुंचा। उन्होंने कहा कि हर प्रक्रिया की वैज्ञानिक और प्रशासनिक स्तर पर जांच होगी।

प्रभावित परिवारों से मुलाकात
डॉ. अंसारी ने अस्पताल में थैलेसीमिया ग्रसित बच्चों के परिजनों से भी मुलाकात की और उन्हें हर संभव सरकारी सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को सख्त निर्देश दिया कि इलाज और सुरक्षा के सभी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाए।
मंत्री का सख्त संदेश
मंत्री ने मीडिया से कहा —
“बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि लापरवाही पाई गई तो कठोर कार्रवाई होगी। किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।”
गौरतलब है कि चाईबासा में थैलेसीमिया पीड़ित पाँच बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने की घटना सामने आई थी। यह मामला उजागर होते ही राज्य भर में आक्रोश और चिंता का माहौल बन गया।
अब प्रशासनिक निगरानी और मेडिकल ऑडिट की प्रक्रिया तेज़ कर दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी भयावह लापरवाहियाँ दोबारा न हों।













