📍 चांडिल/शहरबेड़ा, 27 अक्टूबर 2025: छठ पूजा पर दर्दनाक हादसा
लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा पर सोमवार की शाम चांडिल के शहरबेड़ा छठ घाट पर एक दर्दनाक हादसा हो गया।
स्वर्णरेखा नदी में डूबने से एक ही परिवार के तीन सदस्य नदी की तेज गहराई में समा गए। इस दुर्घटना में 14 वर्षीय किशोर आर्यन यादव की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 45 वर्षीय संजय सिंह और 19 वर्षीय प्रतीक कुमार अब तक लापता हैं।
घटना का विवरण
यह हृदय विदारक घटना संध्या अर्घ्य के दौरान हुई, जब छठ घाट पर हजारों श्रद्धालु मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आर्यन यादव नदी में नहा रहा था तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के लिए परिवार के सदस्य संजय सिंह और प्रतीक कुमार भी बिना देर किए नदी में कूद पड़े। हालांकि, नदी की तेज धारा के कारण तीनों ही बह गए।
तत्काल राहत और बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही घाट पर अफरा-तफरी मच गई। तत्काल स्थानीय प्रशासन, चांडिल थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। देर शाम तक नदी में सर्च ऑपरेशन जारी रहा।
जिला उपायुक्त ने लिया जायजा
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला उपायुक्त (डीसी) नितीश कुमार सिंह स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को लापता लोगों की तलाश में तेजी लाने और घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
डीसी की मार्मिक अपील
मीडिया को जानकारी देते हुए डीसी नितीश कुमार सिंह ने एक मार्मिक अपील की। उन्होंने कहा,
“नदी में डूबने से एक की मौत हुई है, जिसका शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है। सभी श्रद्धालुओं से मेरा अनुरोध है कि वे डेंजर बोर्ड से आगे न जाएं, क्योंकि नदी में करंट बहुत तेज है और किसी भी अनहोनी की आशंका बनी रहती है।”
क्षेत्र में शोक का माहौल
छठ जैसे महापर्व पर एक ही परिवार के तीन सदस्यों के साथ घटी इस दुखद घटना ने पूरे चांडिल और शहरबेड़ा क्षेत्र में शोक का माहौल बना दिया है। लापता दो लोगों की तलाश जारी है, और प्रशासन नदी के खतरनाक क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
महत्वपूर्ण बिंदु:
- हादसा संध्या अर्घ्य के दौरान हुआ।
- तीन लोग एक ही परिवार से थे।
- एक की मौत की पुष्टि, दो की तलाश जारी।
- डीसी ने सुरक्षा सख्त करने और घाटों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।
लोक आस्था के पर्व पर घटी यह दुखद घटना पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना गई है।








