सिद्धार्थनगर । उत्तर प्रदेश
बढ़नी कस्बे में संचालित राहत हॉस्पिटल (सर्जिकल एवं जच्चा-बच्चा केंद्र) को बिना रजिस्ट्रेशन अवैध रूप से संचालित किए जाने पर प्रशासन ने सोमवार को सील कर दिया। यह कार्रवाई एक स्थानीय पत्रकार द्वारा मामला उजागर करने और शिकायत दर्ज कराने के बाद हुई।
- शिकायत व खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, पत्रकार को मिली धमकी का भी हुआ असर
कैसे खुला मामला
सूत्रों के मुताबिक, राहत हॉस्पिटल में बिना लाइसेंस के सर्जरी और प्रसव कार्य चल रहे थे। जब यह खबर मीडिया में आई तो जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर ने तुरंत संज्ञान लिया और स्वास्थ्य विभाग की टीम को जांच के लिए भेजा।
जांच दल में उपजिलाधिकारी, पुलिस बल और सीएमओ कार्यालय की टीम शामिल थी। मौके पर आवश्यक दस्तावेज न मिलने और रजिस्ट्रेशन की पुष्टि न होने पर अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
पत्रकार को धमकी, प्रशासन ने दिखाई सख्ती
खास बात यह रही कि इस अवैध अस्पताल की पोल खोलने वाले पत्रकार को खबर प्रकाशित करने के बाद फोन पर धमकी दी गई।
मामला सामने आने के तीन घंटे के भीतर प्रशासन हरकत में आया और अस्पताल को सील कराने के साथ ही पत्रकार की सुरक्षा सुनिश्चित की।
स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी के त्वरित निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि —
“ऐसी कार्रवाई से अब जिले में अवैध अस्पतालों पर अंकुश लगेगा।”
स्वास्थ्य विभाग का बयान
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राहत हॉस्पिटल को सील करने की आख्या रिपोर्ट जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को भेजी जा रही है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि
“बिना रजिस्ट्रेशन अवैध रूप से संचालित अस्पताल के विरुद्ध मेडिकल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।”
सिद्धार्थनगर प्रशासन की यह कार्रवाई न केवल अवैध स्वास्थ्य संस्थानों पर रोक लगाने का सशक्त संदेश है, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता की सुरक्षा और सम्मान के लिए भी एक मिसाल बनी है।














