- Truecaller पर ‘Sir Ji’ नाम से आया कॉल, फर्जी UPI मैसेज और नकली लेन-देन की साजिश
Cyber Fraud: जमशेदपुर से एक ताजा साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें खुद को सर बताकर एक शख्स ने सुनील कुमार से बड़ी रकम ऐंठने की नाकाम कोशिश की। पीड़ित, सुनील कुमार, ने अपने साथ घटी इस घटना की जानकारी साझा करते हुए बताया कि किस तरह एक साधारण से कॉल ने उन्हें संदेहास्पद स्थिति में ला खड़ा किया।
घटनाक्रम ऐसे हुआ
सुनील कुमार को दोपहर करीब 4 बजे एक अनजान नंबर से कॉल आती है। Truecaller पर उस नंबर का नाम ‘Sir Ji’ शो हो रहा था, जिससे सुनील को लगा कि यह उनके पुराने शिक्षक है जो अभी एक मीक्रोफिनांस बैंक में मेनेजर पोस्ट पर कार्यरत हैं।
कॉलर ने आत्मीयता से हालचाल पूछा, जिसपर सुनील ने सामान्य उत्तर दिया। इसके बाद, कॉलर ने कहा कि उसका UPI काम नहीं कर रहा और उसे एक इमरजेंसी पेमेंट मंगवाना है। चूंकि आवाज व पहचान से भरोसा हुआ, सुनील ने कॉलर की मदद करने की हामी भर दी।

फर्जी बैंक मैसेज और ट्रांजैक्शन का जाल
कॉल के तुरंत बाद, उसी नंबर से एक ₹10 का मैसेज आता है, हूबहू बैंक के ट्रांजैक्शन जैसे। सुनील को कहा गया कि आगे ₹20,000 ट्रांसफर करवाना है। बाद में एक फर्जी मैसेज में ₹44,500 का पेमेंट दिखाया गया, जो असल में उनके बैंक खाते में जमा नहीं था—क्योंकि वह सिर्फ एक दिखावटी SMS था।
कॉलर ने NFT (नेटफंड ट्रांसफर) जैसी शब्दावली का उपयोग करते हुए दावा किया कि ‘1-2 घंटों के भीतर पैसे मिल जाएंगे’ और तत्काल ₹5,000 की मदद मांगी।
असलियत खुलते ही कॉलर गायब
शंका होने पर सुनील ने जब अपनी ओर से जानकारी मांगी तो कॉलर ने खुद को ‘मिश्रा सर’ बताते हुए पटना से होने की बात कही। लेकिन जांच-पड़ताल के दौरान जब सच सामने आने लगा, कॉलर ने फौरन कॉल काट दी।

कैसे बचें ऐसे साइबर ठगों से
- कभी भी अनजाने नंबर या सिर्फ Truecaller पर दिख रहे नाम के भरोसे पैसे न भेजें।
- बैंक या UPI संबंधित हर लेन-देन की पुष्टि अपने खाते में लॉगिन कर के खुद करें
- किसी भी आपातकालीन या दबाव में आए कॉल/मैसेज पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें।
- तत्काल पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
समय रहते सूझबूझ से की गई पड़ताल ने एक बड़ी धोखाधड़ी होने से रोक दी। आम जनता को ऐसी घटनाओं से सतर्क रहना चाहिए और दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए।











