जमशेदपुर, 27 सितंबर। जालंधर में खेले गए भव्य फाइनल मुकाबले में नवल टाटा हॉकी अकादमी (NTHA) ने अदम्य जज़्बे और संघर्ष की मिसाल पेश की। हालांकि कड़े संघर्ष के बावजूद अकादमी को स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, सोनीपत के हाथों 4-3 से पराजय झेलनी पड़ी और उन्हें प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के उपविजेता का खिताब हासिल हुआ।
रोमांच से भरा मुकाबला
यह फाइनल कौशल, साहस और संघर्ष का नज़ारा था।
- पैट्रस हास्सा ने शानदार खेल दिखाते हुए दो फ़ील्ड गोल किए।
- वहीं महज़ 14 वर्षीय खिलाड़ी आशीष तानी पुरती ने निर्णायक पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
- खास बात यह रही कि यह टूर्नामेंट अंडर-21 कैटेगरी का था और मात्र 14 वर्ष की उम्र में आशीष का प्रदर्शन ऐतिहासिक बन गया।

आशीष का ऐतिहासिक सम्मान
आशीष को उनके असाधारण प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया और पुरस्कार स्वरूप उन्हें रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल भेंट की गई। यह उपलब्धि न केवल अकादमी बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय बनी।
टीम को मिला नकद पुरस्कार
एनटीएचए को उपविजेता बनने पर नकद पुरस्कार भी प्रदान किया गया। प्रत्येक कैडेट के योगदान ने टीम की एकजुटता को और मज़बूत किया। टीम की इस सफलता में कोच विकास पंत का कुशल मार्गदर्शन और मैनेजर सुमित बाथम का सटीक प्रबंधन अहम रहा।
कोच का बयान
कोच विकास पंत ने कहा—
“यह सिर्फ़ एक मैच नहीं था, बल्कि हमारी अकादमी की मेहनत, साहस और एकता की पहचान था। आशीष की प्रतिभा भविष्य की दिशा दिखाती है, वहीं पैट्रस और बाकी खिलाड़ियों ने साबित किया कि सच्चा हॉकी टीमवर्क से जन्म लेता है। आज हम उपविजेता हैं, लेकिन यह सफर ही हमारी सबसे बड़ी जीत है। आने वाले समय में हम और मज़बूती से उभरेंगे।”
भारतीय हॉकी में नई उम्मीद
इस फाइनल ने साबित कर दिया कि नौवल टाटा हॉकी अकादमी भारतीय हॉकी में नई ऊर्जा और प्रतिभा की धारा प्रवाहित कर रही है। अनुशासन और उत्कृष्टता पर आधारित दर्शन के साथ यह अकादमी भविष्य के सितारों को तराशने का कार्य कर रही है।







