जमशेदपुर। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के स्थायी कर्मचारी मुकेश कुमार सिंह ने झूठे मुकदमों और बदनामी के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोपी को 50 लाख रुपये के मुआवज़े का मानहानि नोटिस भेजा है।
पारिवारिक विश्वास का दुरुपयोग का आरोप
पीड़ित मुकेश कुमार सिंह का कहना है कि आरोपी ने पहले पारिवारिक विश्वास का फायदा उठाकर उनके घर पर लगातार आना-जाना शुरू किया। इसके बाद उसने दुर्भावनापूर्ण तरीके से झूठे मुकदमे दर्ज कराए।
गंभीर आरोपों से बदनामी
नोटिस में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने उनकी पत्नी के साथ जबरन संबंध बनाने और ब्लैकमेलिंग जैसे झूठे आरोप तक लगाए। यहां तक कि आरोपी जेल से छूटने के बाद प्रतिशोधवश मुकेश कुमार सिंह पर नया केस दर्ज करवा दिया।
पुलिस जांच में झूठ साबित
पुलिस की जांच के बाद फाइनल रिपोर्ट में सभी आरोपों को झूठा और निराधार करार दिया गया। इसके बावजूद मुकेश कुमार सिंह और उनका परिवार मानसिक, शारीरिक और आर्थिक उत्पीड़न झेलता रहा।
सामाजिक प्रतिष्ठा पर लगा धब्बा
पीड़ित का कहना है कि इन घटनाओं के कारण उन्हें पुलिस-थाने के चक्कर काटने पड़े और उनकी वर्षों से बनाई गई सामाजिक प्रतिष्ठा पर आंच आ गई।
15 दिन की चेतावनी
मानहानि नोटिस में साफ कहा गया है कि यदि आरोपी ने 15 दिनों के भीतर मुआवज़ा अदा नहीं किया, तो मामला अदालत तक ले जाया जाएगा और मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।
यह मामला अब कानूनी तौर पर तूल पकड़ता दिख रहा है और आने वाले दिनों में अदालत की कार्यवाही इस पर बड़ा असर डाल सकती है।








