जमशेदपुर: स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और अंतरराष्ट्रीय प्रकाशक एल्सिवियर द्वारा जारी ‘वर्ल्ड्स टॉप 2% साइंटिस्ट्स’ की सूची में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) जमशेदपुर के 6 वैज्ञानिकों ने जगह बनाई है। यह उपलब्धि संस्थान और जमशेदपुर शहर के लिए गर्व का विषय है।
सूची को अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के डॉ. जॉन पीए लोननिदिस के नेतृत्व में तैयार किया गया। इसमें चिकित्सा, इंजीनियरिंग और मौलिक विज्ञान जैसे क्षेत्रों के एक लाख से अधिक वैज्ञानिक शामिल हैं।
डॉ. बलराम अम्बादे: पर्यावरण विज्ञान में विशेष पहचान
एनआईटी जमशेदपुर के रसायन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बलराम अम्बादे को अर्थ एंड एनवायरनमेंट (Earth & Environment) क्षेत्र में 9839वीं वैश्विक रैंकिंग मिली है।
- 120 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित
- 15 से ज्यादा पेटेंट Granted
- 9 पीएचडी छात्रों को निर्देशन
- 9 स्पॉन्सर्ड रिसर्च प्रोजेक्ट पूरे
- 10 पुस्तकें प्रकाशित, जिनमें हालिया किताब “Air Pollution and Related Health Risks” विशेष रूप से चर्चित
उनकी पुस्तकों का अनुवाद फ्रेंच, जर्मन, इटालियन और पुर्तगाली जैसी भाषाओं में हुआ है और ये Amazon पर उपलब्ध हैं।
अन्य वैज्ञानिकों की वैश्विक रैंकिंग
- डॉ. सुनील कुमार → 11761
उत्कृष्ट प्रदर्शन, उद्धरणों की संख्या अधिक, वैश्विक स्तर पर सम्मानित। - डॉ. साइकत रंजन मैती → 229930
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध कार्य को पहचान मिली। - डॉ. सतीश कुमार → 267636
सक्रिय शोध योगदान, संस्थान का नाम रोशन। - डॉ. सुरजीत कुंडु → 297322
अपेक्षाकृत पीछे की रैंकिंग, फिर भी वैश्विक सूची में शामिल होना उल्लेखनीय। - डॉ. वी. पी. मीना → 1256051
शोध कार्य सीमित होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय सूची में नाम।
संस्थान के लिए गौरव का क्षण
एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक और संकाय सदस्यों ने इन सभी वैज्ञानिकों को बधाई दी। यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि पूरे झारखंड और देश के लिए गौरव का विषय है।
एनआईटी जमशेदपुर के वैज्ञानिकों ने यह साबित किया है कि समर्पण और लगातार शोध कार्य से वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। इनकी उपलब्धियाँ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।








