रांची। झारखंड की राजधानी रांची में एक बार फिर लंपी वायरस के पैर पसारने की खबर सामने आई है। जिले के कुछ हिस्सों में मवेशियों में लंपी जैसे लक्षण पाए गए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी जानवर की मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
पशुपालन विभाग की कड़ी निगरानी
जिला पशुपालन अधिकारी (DAHO) कविंद्र नाथ सिंह ने बताया कि अलग-अलग इलाकों से लंपी जैसे लक्षणों की सूचना मिली है। उन्होंने कहा—
“स्थिति फिलहाल गंभीर नहीं है। सभी प्रभावित मवेशियों का प्राथमिकता से इलाज किया जा रहा है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिले में टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।”
IAHP की टीम करेगी जांच
इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन (IAHP) की एक टीम जल्द ही प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी और सैंपल इकट्ठा करेगी, ताकि संक्रमण की स्थिति की वैज्ञानिक जांच हो सके।
कैसे फैलता है लंपी वायरस?
विशेषज्ञों के अनुसार, लंपी त्वचा रोग मुख्य रूप से
- मच्छर, मक्खी, जूं और ततैया के काटने से
- दूषित भोजन और पानी से
फैलता है। इससे मवेशियों को तेज बुखार और त्वचा पर गांठें हो जाती हैं। यह बीमारी गंभीर रूप ले तो जानलेवा भी साबित हो सकती है।
पहले चांडहो और अनगढ़ा में दिखे लक्षण
जिला प्रशासन ने बताया कि सबसे पहले चांडहो और अनगढ़ा इलाकों में लक्षण सामने आए थे। फिलहाल इन इलाकों में हालात नियंत्रण में हैं।
हालांकि अभी स्थिति भयावह नहीं है, लेकिन पशुपालन विभाग सतर्क है और मवेशियों के लिए टीकाकरण अभियान जारी है। अधिकारियों ने पशुपालकों से अपील की है कि किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत सूचना दें और मवेशियों को अलग रखकर इलाज कराएं।














