अनूपपुर, मध्यप्रदेश का “समोसा घोटाला”: ग्राम पंचायत बकली (जनपद जैतहरी, जिला अनूपपुर) के एक होटल बिल ने प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस बिल की एक फोटो ने तहलका मचा दिया है, जिसे लोग नाम दे रहे हैं – “समोसा घोटाला”।
क्या है पूरा मामला?
होटल रामेश्वरम् का बिल, जिसमें साफ़ लिखा गया है:
| क्रम | वस्तु | दर (₹) | मात्रा | कुल राशि (₹) |
|---|---|---|---|---|
| 1 | समोसा (नाश्ता) | 60 | 40 | 2400 |
| 2 | चाय | 60 | 10 | 600 |
| 3 | पानी | 60 | 10 | 600 |
| कुल | 3600 |
इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि समोसे के लिए 2400 रुपये, यानी प्रति समोसा ₹40 का खर्च दर्शाया गया है! आमतौर पर बाजार में एक समोसा ₹10 से ₹15 में मिलता है। ऐसे में यह बिल न केवल अविश्वसनीय लगता है, बल्कि इसमें भ्रष्टाचार की बू साफ महसूस होती है।
दस्तखत भी मौजूद, लेकिन जवाबदेही गायब!
इस बिल पर पंचायत सचिव आदित्य प्रताप सिंह और सरपंच के हस्ताक्षर भी हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह भुगतान ग्राम पंचायत की ओर से मान्य किया गया है। सवाल यह है कि:
- क्या वाकई पंचायत में इतनी बड़ी मात्रा में नाश्ता हुआ?
- क्या यह धन जनता की भलाई के लिए था या “चाय-समोसा पार्टी” के लिए?
सोशल मीडिया पर बवाल – #SamoseKaHisab दो!
इस बिल की फोटो वायरल होते ही लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी:
- “ये समोसे थे या सोने से जड़े हुए पकोड़े?”
- “गांव में विकास नहीं, लेकिन चाय-पानी पर खर्च बेतहाशा!”
- “पंचायतों को जवाबदेह बनाना होगा।”

प्रशासन से सवाल:
क्या यह जांच का विषय नहीं है?
- क्या पंचायतों में इस तरह जनता के पैसों का दुरुपयोग हो रहा है?
- क्या यह भ्रष्टाचार का एक नया नमूना नहीं?
मांग उठी जांच और कार्रवाई की
स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स की मांग है कि:
- इस बिल की स्वतंत्र जांच हो।
- संबंधित सचिव और सरपंच से स्पष्टीकरण लिया जाए।
- अगर घोटाला साबित हो, तो कार्रवाई हो और सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट जारी की जाए।
“समोसे” के बहाने, भ्रष्टाचार की परतें खुल रही हैं
ये खबर सिर्फ़ 40 रुपये के समोसे की नहीं है… यह खबर है उस लापरवाही और गैर-जवाबदेही की, जो हमारे गांवों के विकास में सबसे बड़ी बाधा बन चुकी है।
अब वक्त है कि इन “नाश्ते वाले खर्चों” पर भी सख्त नज़र डाली जाए — ताकि जनता का पैसा, जनता के ही काम आए।
“हिसाब चाहिए — चाय-समोसे का भी!”












