“यदि आदिवासी समाज जागरूक नहीं हुआ, तो झामुमो मुस्लिम तुष्टिकरण के नाम पर उनकी पहचान, विरासत और संस्कृति को खत्म कर देगा,” – रघुवर दास

  • पूर्व राज्यपाल एवं झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक पर झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस को घेरा

जमशेदपुर, 3 अप्रैल 2025: पूर्व राज्यपाल और झारखंड के मुख्यमंत्री माननीय रघुवर दास ने आज एग्रिको स्थित अपने आवासीय कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ये दोनों दल वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक के विरोध में खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है, लेकिन झामुमो ने इसका विरोध करते हुए इसके खिलाफ मतदान किया।

रघुवर दास ने कहा कि वक़्फ़ संशोधन बिल में झारखंड के संदर्भ में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। इस संशोधन के कानून बनने के बाद आदिवासी क्षेत्रों में अनुसूची 5 एवं अनुसूची 6 के तहत वक़्फ़ संपत्ति घोषित नहीं की जा सकेगी। उन्होंने इसे आदिवासी समुदाय की मूल संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया।

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झामुमो पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप

रघुवर दास ने झामुमो पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के संपर्क में आने के बाद झामुमो पूरी तरह तुष्टिकरण की राजनीति के जाल में फंस चुका है। उन्होंने कहा कि झामुमो आदिवासियों के हितों की रक्षा करने वाले दल के रूप में अपनी छवि पेश करता रहा है, लेकिन वक़्फ़ संशोधन विधेयक का विरोध कर उसने अपनी असली मानसिकता उजागर कर दी है।

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने इस विधेयक में आदिवासियों की जमीन और उनके हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की, लेकिन झामुमो के सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान कर दिया,” रघुवर दास ने कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए झामुमो आदिवासियों के हितों के खिलाफ जा रहा है और यह राज्य के आदिवासी समाज को समझना चाहिए।

आदिवासी संस्कृति और विरासत के संरक्षण की मांग

उन्होंने यह भी कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में कब्रिस्तान, मजार, मकबरा, मस्जिद और दरगाहों का विस्तार आदिवासियों की मूल संस्कृति के विपरीत है। संविधान की अनुसूची 5 के तहत राष्ट्रपति द्वारा घोषित आदिवासी क्षेत्रों में वक़्फ़ संपत्ति का हस्तक्षेप संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।

“झारखंड में बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन कराकर जमीन हड़पने और उसे वक़्फ़ घोषित करने की कोशिशों पर यह नया बिल रोक लगाएगा,” उन्होंने कहा। उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर आरोप लगाया कि वह मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है, जिसका नतीजा रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र में सरहुल पूजा की शोभायात्रा के दौरान पाहन पर हुए हमले के रूप में सामने आया है।

आदिवासी समाज को जागरूक होने की अपील

रघुवर दास ने झारखंड के आदिवासियों से अपील की कि वे झामुमो की राजनीति को समझें और अपनी पहचान, संस्कृति और विरासत की रक्षा करें। उन्होंने कहा कि झामुमो को इस सवाल का जवाब देना चाहिए कि क्या वह आदिवासी क्षेत्र की जमीन को वक़्फ़ घोषित करना चाहता है।

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