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8 साल के मासूम के साथ दरिंदगी के बाद हत्या, POCSO कोर्ट ने आरोपी को सुनाई फांसी की सजा

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On: October 8, 2025 8:58 PM
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गाजीपुर, 8 अक्टूबर 2025: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की विशेष POCSO अदालत ने एक ऐसी घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है, जो पूरी मानवता को शर्मसार करने वाली है।

अदालत ने इसे “दुर्लभतम से दुर्लभ अपराध” करार देते हुए कहा कि आरोपी संजय नट को

“गर्दन में फंदा लगाकर तब तक लटकाया जाए, जब तक उसकी मौत न हो जाए”।

यह फैसला 20 महीने पुराने एक जघन्य मामले में आया है, जहां फरवरी 2024 में संजय ने 8 साल के एक मासूम बालक के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया और फिर गला दबाकर उसकी निर्मम हत्या कर दी।

घटना का विवरण

घटना गहमर थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव की है। 19 फरवरी 2024 को संजय नट ने घर पर अकेले मौजूद मासूम बच्चे के साथ जबरन अप्राकृतिक यौनाचार का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपी ने बच्चे का गला घोंट दिया और उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद संजय ने शव को बोरे में भरकर अपने घर के लोहे के बक्से में छिपा दिया। उस समय आरोपी की पत्नी और मां घर पर मौजूद नहीं थीं। दो दिनों तक संजय ने किसी को घर में घुसने नहीं दिया, जिससे शव सड़ने लगा।

बच्चे के परिजनों ने जब संजय के घर तलाशी ली, तो लोहे के बक्से से सड़ चुका शव बरामद हुआ। इलाके में आक्रोश फैल गया और पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। जांच में आरोपी की पत्नी और मां ने भी घटना की पुष्टि की।

अदालत का सख्त फैसला

विशेष POCSO कोर्ट के न्यायाधीश राम अवतार प्रसाद की अदालत में कुल 8 गवाहों को पेश किया गया, जिन्होंने घटना की पूरी पुष्टि की। विशेष लोक अभियोजक प्रभु नारायण सिंह ने बताया कि अदालत ने दुष्कर्म और हत्या दोनों धाराओं के तहत आरोपी को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड सुनाया। उन्होंने कहा, “यह अपराध इतना घृणित है कि समाज के लिए नजीर कायम करने के लिए फांसी ही एकमात्र सजा है।”

यह गाजीपुर जिला न्यायालय का 14 साल बाद ऐसा फैसला है। इससे पहले 2011 में चार लोगों की हत्या के मामले में दो आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई थी।

सामाजिक प्रतिक्रिया

फैसले के बाद मृतक के परिजनों ने अदालत का आभार जताया। बच्चे की मां ने कहा, “मेरा बेटा कभी वापस नहीं आएगा, लेकिन यह सजा ऐसे दरिंदों को सबक देगी।” इलाके में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान तेज हो गया है। पुलिस ने भी POCSO मामलों में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

यह घटना एक बार फिर बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट की भूमिका महत्वपूर्ण है, जो दोषसिद्धि की दर को बढ़ा रही है।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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