सूरत, 22 जनवरी 2026: गुजरात के सूरत जिले के तड़केश्वर क्षेत्र में सार्वजनिक जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तैयार की गई ओवरहेड वॉटर टंकी उद्घाटन से पहले ही धराशायी हो गई। यह टंकी ₹21 करोड़ की जल वितरण परियोजना का हिस्सा थी। हादसे के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो सरकारी अधिकारियों सहित कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।
टंकी की ऊंचाई 15 मीटर, क्षमता 11 लाख लीटर
जानकारी के अनुसार यह ओवरहेड टंकी करीब 15 मीटर ऊंची थी और इसकी पानी भंडारण क्षमता 11 लाख लीटर बताई गई। टंकी का निर्माण कार्य हाल ही में पूरा हुआ था और जल्द ही इसे आम जनता के उपयोग के लिए शुरू किया जाना था, लेकिन उससे पहले ही यह बड़ा हादसा हो गया।
टेस्टिंग के दौरान हुआ हादसा, भरी गई थी 9 लाख लीटर पानी
सूत्रों के मुताबिक टंकी की टेस्टिंग की जा रही थी। इस दौरान दो दिनों में लगभग 9 लाख लीटर पानी टंकी में भरा गया था। इसी परीक्षण के दौरान टंकी अचानक गिर गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और परियोजना की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

दो सरकारी अधिकारी भी गिरफ्तार, जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस कार्रवाई में दो सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि निर्माण में लापरवाही, निगरानी में कमी या गुणवत्ता मानकों की अनदेखी जैसी संभावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में जिन अन्य लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
परियोजना का उद्देश्य: कई गांवों को पानी की आपूर्ति
बताया गया है कि यह जल वितरण नेटवर्क परियोजना आसपास के कई गांवों को पेयजल आपूर्ति देने के उद्देश्य से बनाई जा रही थी। लेकिन टंकी गिरने की घटना ने पूरे सिस्टम की सुरक्षा और ठेकेदारी प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
आगे क्या?
- गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा
- निर्माण एजेंसी, परियोजना प्रबंधन और विभागीय निगरानी की तकनीकी व कानूनी जांच जारी
- सार्वजनिक निर्माण में गुणवत्ता मानकों की री-ऑडिटिंग की संभावना
₹21 करोड़ की परियोजना में बनी पानी की टंकी का उद्घाटन से पहले गिरना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। अब निगाहें प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
(स्रोत: Times of India रिपोर्ट)













