मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

साल 2021 का आखरी सूर्य ग्रहण हुआ खत्म।

Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427
On: December 5, 2021 1:05 AM
Follow Us:
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

THE NEWS FRAME

Surya Grahan 2021: रविवार 05 दिसम्बर, 2021

भारतीय समयानुसार शनिवार 04 दिसम्बर, 2021 को लगा सुर्य ग्रहण पिछले सूर्य ग्रहण की तुलना में पूर्ण सूर्य ग्रहण था। वहीं यह सूर्य ग्रहण साल 2021 का आखिरी सूर्य ग्रहण भी था। जानकारी के मुताबिक यह सूर्य ग्रहण अटलांटिक के दक्षिणी भाग, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, अंटार्कटिका,  दक्षिण अमेरिका में दिखाई दिया। जबकि भारत में यह दिखाई नहीं दिया।

शनिवार 4 दिसंबर का सूर्य ग्रहण साल का अन्तिम पूर्ण सूर्य ग्रहण था। दुनिया के कई हिस्सों से इस घटना को देखा गया। यह अद्भुत घटना पूर्ण सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका में साफ-तौर से देखने को मिलेगा। इसे एक ध्रुवीय ग्रहण मां सकते हैं जो अंटार्कटिका महाद्वीप पर पूर्ण ग्रहण लगाएगा। साथ ही इस वर्ष का पूर्ण सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और दक्षिणी अटलांटिक के देशों में भी देखा गया।

शनिवार को लगा यह सूर्य ग्रहण इस साल 10 जून को लगे पहले सूर्य ग्रहण की अपेक्षा पूर्ण सूर्य ग्रहण था। सुबह 10:59 बजे से ही ग्रहण लगना आरम्भ हो चुका था। और लगभग दोपहर 1 बजे से पूर्ण सूर्य ग्रहण लग चुका था, वहीं दोपहर 01:33 बजे पूर्ण सूर्य ग्रहण समाप्त हुआ। वहीं 3:10 बजे तक सूर्य ग्रहण पूरी तरह से समाप्त हो चुका था।

4 दिसम्बर 2021 का सूर्य ग्रहण सुबह 10:59 बजे से आरम्भ होकर दोपहर 3:10 पर समाप्त हुआ।

भारतीय ज्योतिष और सूर्य ग्रहण

भारतीय काल गणना के अनुसार एवं धार्मिक दृष्टि से ग्रहण लगना अशुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जब सूर्य राहु और केतु द्वारा प्रताड़ित होते हैं तब सूर्य ग्रहण लगता है। इसलिए सूर्य कमजोर होकर छुप जाता है। भारतीय ज्योतिष और ज्योतिषाचार्य ने खगोलीय घटनाओं को बारीकी से समझने और समझाने के लिए प्रत्येक घटनाओं को एवं उनके घटकों को एक नाम दिया है, जिससे कि घटना और कारण दोनों स्पष्ट रूप से ज्ञात हो जाये। भारतीय काल गणना या ज्योतिष शास्त्र भ्रामक या मिथ्या नहीं है। हाँ कुछ लोग अज्ञानता वश अथवा अधूरा ज्ञान प्राप्त कर इसका भ्रामक प्रचार प्रसार करते हैं।

भारतवर्ष में इस सूर्य ग्रहण के नहीं लगने के कारण यहां सूतक काल नहीं माना गया। यदि   भारत में सूर्य ग्रहण का आंशिक प्रभाव भी देखने को मिलता तो भारतीय ज्योतिष के अनुसार सूतक काल माना जाता और सूर्य ग्रहण के सभी नियम मानने होते। भारतीय ग्रन्थों में सूर्य ग्रहण उपरांत स्नान और ध्यान के नियम बताये गए हैं। वहीं दैनिक जीवन में भी बदलाव की व्याख्या की गई है।

साल का अंतिम सूर्यग्रहण को यूट्यूब चैनलों जैसे – Timeanddate, Virtual Telescop, CosmoSapiens चैनल पर लाइव देखा गया। इस ग्रहण को पुनः देखने के लिए आप यूट्यूब का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Leave a Comment